RBI के मॉनिट्री पॉलिसी कमेटी की बैठक 6 से 8 फरवरी को होने वाली है। यह साल 2023 में होने वाली पहली MPC बैठक होगी। RBI के मॉनिट्री पॉलिसी कमेटी के नजीतों का ऐलान 8 फरवरी के किया जाएगा। बता दें कि इस बार की बैठक के नतीजों में एक बार फिर से लोन लेने वालों को झटका लग सकता है। रॉयटर्स के एक सर्वेक्षण के अनुसार, आरबीआई अपनी बैठक में रेपो रेट को एक बार फिर से बढ़ा सकता है।
रेपो रेट में इजाफा कर सकता है RBI
रॉयटर्स के एक सर्वेक्षण के अनुसार, आरबीआई को अपनी बैठक में अपनी प्रमुख रेपो दर को मामूली 25 आधार अंकों से बढ़ाकर 6.50 प्रतिशत करने की उम्मीद है। जिससे लोगों के ऊपर ईएमआई का बोझ फिर से बढ़ेगा। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था फिलहाल महंगाई से उबरने का इंतजार कर रही है।
पिछले साल यानी दिसंबर 2022 में महंगाई की दर में गिरावट देखने को मिली थी। पिछले साल दिसंबर में महंगाई दर एक साल के निचले स्तर 5.72 फीसदी पर आ गई है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी के चलते महंगाई में कमी देखने को मिली थी। वहीं नवंबर 2022 में महंगाई दर 5.88 फीसदी और अक्टूबर में महंगाई दर 6.77 फीसदी पर थी।
RBI के तय लक्ष्य से ऊपर रही थी महंगाई
पिछले साल जनवरी से ही महंगाई की दर आरबीआई द्वारा निर्धारित लक्ष्य से ऊपर रही थी। जिसके बाद नवंबर में महंगाई की दर घटकर 5.88 फीसदी पर और फिर उसके बाद दिसंबर में घट कर 5.72 फीसदी पर आ गई थी। जो कि पिछले एक साल में महंगाई का सबसे निचला स्तर भी है। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के प्रमुख अर्थशास्त्री सुनील सिन्हा के मुताबिक आने वाले महीनों में MPC बैठक की नतीजों का असर महंगाई पर दिखाई देगा। वित्तीय वर्ष 2024 की पहली तिमाही तक महंगाई के 5 फीसदी तक नीचे आने की उम्मीद है।
पिछले साल लगातार पांच बढ़ाया गया था रेपो रेट
RBI ने पिछले साल यानी 2022 में लगातार पांच बार रेपो रेट में इजाफा किया था। दिसंबर में हुई MPC बैठक के दौरान आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट में 35 आधार अंकों की बढ़ोतरी की थी और इसे बढ़ाकर 6.25 फीसदी का कर दिया था। महंगाई को कम करने की कोशिशों के मद्देनजर आरबीआई ने साल 2022 में नितिगत दरों में कुल 225 बीपीएस की बढ़ोतरी की थी।