मौजूदा वक्त में भारत में यूपीआई (UPI) और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन (Online Transactions) का ट्रेंड काफी तेजी से बढ़ा है। ज्यादातर लोग रूपयों-पैसों के लेन देन, शॉपिंग, बिल पेमेंट और इस तरह के दूसरे कामों के लिए UPI और डिजिटल ट्रांजैक्शन करते हैं। हालांकि भारत से बाहर रहने वाले NRI लोग बाहर के या दूसरे देशों के मोबाइल नंबर से UPI का इस्तेमाल नहीं कर पाते थे। लेकिन अब जल्द ही इस समस्या का समाधान भी होने वाला है।
NRI भी कर पाएंगे UPI से पेमेंट
दरअसल नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) इकोसिस्टम से कुछ देशों के उपयोगकर्ताओं को नॉन रेजिडेंट अकाउंट टाइप जैसे कि नॉन रेजिडेंट एक्सटर्नल (NRE) और नॉन रेजिडेट ऑर्डिनरी (NRO) जैसे अंतर्राष्ट्रीय खातों के लिए UPI सुविधा को इस्तेमाल करने के लिए इंटरनेशलल मोबाइल नंबर को इस्तेमाल करने की मंजूरी देने के लिए कहा है। इस सुविधा के बाद जल्द ही NRI यानी देश से बाहर रहने वाले भारतीय इंटरनेशनल नंबर के द्वारा ही UPI पेमेंट कर सकेंगे।
क्या है NRE और NRO अकाउंट
बता दें कि NRE खाता एक NRI के नाम पर भारत में खोला गया वह बैंक खाता है, जो उसकी विदेशी कमाई को रखता करता है, जबकि एक NRO खाता भारत में एक NRI के नाम पर खोला गया वह बैंक खाता है, जो उसकी कमाई के पैसों को मानेज करता है। इन आय में किराया, लाभांश, पेंशन, ब्याज आदि शामिल हैं। NPCI की तरफ से जारी किए गए सर्कुलर के मुताबिक फिलहाल, एनपीसीआई वर्तमान घरेलू देश कोड के साथ सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, हांगकांग, ओमान, कतर, यूएस, सऊदी अरब, यूएई और यूके के देश कोड वाले मोबाइल नंबरों से लेनदेन को सक्षम करेगा।
फेमा के नियमों के आधार पर मिलेगी UPI की अनुमति
एनपीसीआई ने कहा, "सदस्य बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि इन खातों को केवल मौजूदा विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के नियमों के अनुसार अनुमति दी जाए और आरबीआई के संबंधित नियामक विभागों द्वारा समय-समय पर जारी दिशानिर्देशों का पालन किया जाए।" साथ ही सभी आवश्यक एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग या आतंकवाद के वित्तपोषण की जांच और नियमों के अनुसार अनुपालन सत्यापन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। UPI इकोसिस्टम के सदस्यों को 30 अप्रैल, 2023 तक NPCI के निर्देशों का पालन करना होगा।
रिकॉर्ड लेवल पर पहुंचा UPI से लेनदेन
बता दें कि भारत में UPI पेमेंट का सिलसिला तेजी से बढ़ा है। दिसंबर 2022 में UPI पेमेंट 12.82 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया था। इस दौरान, वॉल्यूम के लिहाज से 782 करोड़ लेनदेन प्लेटफॉर्म पर किए। बीते साल यानी 2022 के अक्टूबर में UPI पेमेंट 12 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गया था। वहीं नवंबर में नवंबर में, UPI के माध्यम से 11.90 लाख करोड़ रुपये के 730.9 करोड़ लेनदेन हुए थे।