क्रिकेट वर्ल्ड कप (Cricket World Cup) का आगाज हो चुका है। 12 साल के बाद इंडिया में इसका आयोजन हो रहा है। क्रिकेट फैंस के लिए यह जश्न मनाने का मौका है। कंपनियां फैंस के उत्साह का फायदा उठाने की कोशिशों में लगी हैं। 8 अक्टूबर को इंडियन टीम अपना पहला वर्ल्ड कैप मैच खेलेगी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस वर्ल्ड कप से इकोनॉमी को भी बूस्ट मिलेगा। बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इंडिया के ग्रॉस ऑउटपुट में इस आयोजन का कंट्रिब्यूशन 18,000-20,000 करोड़ रुपये रह सकता है। टीवी/ब्रॉडकास्ट स्पॉन्सरशिप खर्च में भी काफी उछाल देखने को मिला है। हॉस्पिटलिटी, टिकट सेल्स, फूड डिलीवरी सहित कई सेक्टर्स की कंपनियां इस आयोजन को लेकर उत्साहित हैं। जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस आयोजन से जुड़ी कुछ कंपनियों के शेयरों में भी आने वाले दिनों में उछाल दिख सकता है।
जेफरीज की रिपोर्ट ने पेश की सही तस्वीर
निवेशकों के मन में बड़ा सवाल यह है कि इस आयोजन से कंजम्प्शन में कितना उछाल आएगा और इससे कंपनियों की कमाई कितनी बढ़ सकती है? इस सवाल का जवाब जानने से पहले जेफरीज की रिपोर्ट की एक बात को ध्यान में रखना जरूरी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ सेक्टर्स को इस आयोजन से नुकसान हो सकता है, क्योंकि हफ्ते के अंत में लोग इसके मैच देखने के लिए घर में रहना पसंद करेंगे। इससे उन कंपनियों की कमाई पर असर पड़ सकता है, जिनका बिजनेस कस्टमर अराइवल पर टिका है। वीकेंड ट्रेवल में भी गिरावट देखने को मिल सकती है। इसलिए जहां कुछ कंपनियों या सेक्टर को इससे फायदा मिलने की उम्मीद है वही कुछ को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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इंडिया में फेस्टिव सीजन के बीच वर्ल्ड कप का आयोजन
एक दूसरी अहम बात यह है कि इस वर्ल्ड कप का आयोजन ऐसे वक्त हो रहा है, जब इंडिया में फेस्टिव सीजन होता है। इसका मतलब है कि इस सीजन में ऐसे ही कंजम्प्शन काफी ज्यादा होता है। ऐसे में यह बताना मुश्किल है कि कंजम्प्शन में होने वाली वृद्धि का कितना श्रेय वर्ल्ड कैप के मैचों को जाएगा। यह भी अहम है कि इस सीजन में होने वाला कंजम्प्शन पहले से प्लान किया गया होगा या अचानक किया गया कंजम्प्शन होगा। अगर मैचों के टिकट पर होने वाले खर्च को देखा जाए तो जो लोग यह खर्च करेंगे वे दूसरी जगह अपने खर्च में कमी करने की कोशिश करेंगे।
कंपनियों की कमेंटी पर रखनी होगी नजर
वर्ल्ड कैप के मैचों के दौरान अगर लोग एक्स्ट्रा खर्च करते हैं तो टूर्नामेंट खत्म होते ही फिर से ज्यादातर सेक्टर में चीजें सामान्य स्तर पर लौट आएंगी। यह इसलिए अहम है, क्योंकि अगर कंजम्प्शन में थोड़े समय के लिए उछाल आता है तो यह लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ज्यादा मायने नहीं रखता है। लेकिन, जो इनवेस्टर्स इस मौके का फायदा उठाना चाहते हैं उन्हें कंपनियों के मैनेजमेंट की कमेंट्री पर ध्यान रखना होगा। यह अक्टूबर के अंत तक आ सकता है। इनवेस्टर्स मैनेजमेंट से बिजनेसेज पर वर्ल्ड कैप के फायदों के बारे में पूछ सकते हैं।