How to Become a Crorepati in India: भारत में 'करोड़पति' बनना हर आम इंसान का सपना होता है, लेकिन कई लोग इसे एक मुश्किल या नामुमकिन काम मान लेते हैं। फाइनेंशियल एक्सपर्ट का मानना है कि करोड़पति बनने के लिए किसी बंपर लॉटरी या बहुत मोटी सैलरी की जरूरत नहीं होती, बल्कि इसके लिए केवल दो चीजों टाइम और डिसिप्लिन की आवश्यकता है।
अगर आप गणित के कुछ बुनियादी नियमों को समझ लें, तो म्यूचुअल फंड SIP और कंपाउंडिंग की ताकत से 1 करोड़ रुपये का फंड बनाना बेहद आसान और पूरी तरह से गणितीय रूप से संभव हो जाता है। आइए मार्केट एक्सपर्ट्स और दिग्गज ब्रोकरेज फर्म्स द्वारा सुझाए गए 2 सबसे सटीक और जादुई फॉर्मूलों के जरिए करोड़पति बनने का आसान गणित समझते हैं।
फॉर्मूला 1: कंपाउंडिंग का '8-4-3 नियम'
दिग्गज इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म के वित्तीय जानकारों के मुताबिक, यह नियम निवेशकों को यह समझने में मदद करता है कि कंपाउंडिंग की असली ताकत कैसे काम करती है। अगर आप ₹21250 महीना की एक SIP शुरू करते हैं और उस पर सालाना 12% का औसत रिटर्न मिलता है, तो आप ठीक 15 साल में ₹1 करोड़ का कॉर्पस तैयार कर लेंगे। लेकिन इस 15 साल के सफर का गणित '8-4-3' के रूप में टूटता है:
पहले 8 साल: लगातार ₹21250 जमा करने पर शुरुआती 8 सालों में आपका कुल फंड ₹34.3 लाख बनता है। यहां ग्रोथ धीमी और स्थिर दिखती है।
अगले 4 साल: अगले सिर्फ 4 सालों में यानी 12वें साल तक आपका यह फंड दोगुना होकर ₹68.5 लाख हो जाता है। यहां आपके रिटर्न पर भी रिटर्न मिलना तेजी से शुरू होता है।
आखरी 3 साल: अब आता है कंपाउंडिंग का असली जादू। आखिरी के सिर्फ 3 सालों में आपका फंड सीधे ₹1 करोड़ से ऊपर निकल जाता है।
इस नियम से साफ है कि निवेश में जितना लंबा समय टिकेंगे, पैसा उतनी ही तूफानी रफ्तार से गुणा होगा।
फॉर्मूला 2: '10% स्टेप-अप' का चीट कोड
फाइनेंशियल रिसर्च फर्म Equishastra के मुताबिक, आम नौकरीपेशा भारतीयों के लिए करोड़पति बनने का सबसे बड़ा वेल्थ एक्सीलेटर 'Step-Up SIP' है। आम तौर पर अगर आप ₹10000 महीने की सामान्य SIP करते हैं, तो 12% के सालाना रिटर्न पर आपको ₹1 करोड़ जुटाने में 20 साल का वक्त लगेगा। लेकिन अगर आप हर साल अपनी बढ़ती सैलरी के साथ इस SIP में सिर्फ 10% की बढ़ोतरी करते जाते हैं, तो गणित पूरी तरह बदल जाता है:
एक्सपर्ट टेक: हर साल मात्र 10% निवेश बढ़ाने से यानी दूसरे साल ₹11000, तीसरे साल ₹12100 की SIP करने पर आप तय समय में एक के बजाय सवा दो करोड़ से ज्यादा के मालिक बन जाते हैं।
कम उम्र में शुरुआत करने का गणित
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि आप जितनी जल्दी शुरुआत करेंगे, जेब पर उतना ही कम बोझ पड़ेगा। अगर 12% का अनुमानित रिटर्न मानकर चलें, तो ₹1 करोड़ का लक्ष्य पाने के लिए आपकी उम्र के हिसाब से गणित इस तरह बैठता है:
कुल मिलाकर एक्सपर्ट्स की इन रणनीतियों से स्पष्ट है कि करोड़पति बनने का सबसे आसान गणित कोई शॉर्टकट या 'रातों-रात अमीर बनने' की स्कीम नहीं है। सही म्यूचुअल फंड स्कीम्स चुनकर, अनुशासित रहकर और हर साल अपनी निवेश राशि को थोड़ा-थोड़ा बढ़ाकर कोई भी आम इंसान आसानी से करोड़पति बनने के इस वित्तीय मील के पत्थर को छू सकता है।