Cryptocurrency पर पाबंदी लगाना भारत के लिए सबसे सही फैसला, RBI के डिप्टी गवर्नर की राय

ऐसा पहली बार हुआ है जब RBI के किसी सीनियर अधिकारी ने क्रिप्टोकरेंसी के खिलाफ खुलकर अपना पक्ष रखा है

अपडेटेड Feb 14, 2022 पर 10:04 PM
क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लगाया जाए या नहीं, उसको लेकर RBI के डिप्टी गवर्नर का यह बयान काफी अहम है

क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) को लेकर भारत का क्या नजरिया होना चाहिए इस पर RBI के डिप्टी गवर्नर टी रबी शंकर (T Rabi Sankar) ने दो टूक बात कही है। उन्होंने 14 फरवरी को कहा कि भारत के लिए शायद सबसे अच्छा होगा क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) पर बैन लगाना।

इंडियन बैंक्स एसोसिएशन की 17वीं एनुअल बैंकिंग टेक्नोलॉजी कॉन्फ्रेंस एंड अवॉर्ड्स के दौरान शंकर ने क्रिप्टोकरेंसी पर अपनी सख्त राय दी है। शंकर ने कहा, "हम फिलहाल Cryptocurrency के सपोर्ट में आ रही उन दलीलों की जांच कर रहे हैं जिनमें ये कहा जा रहा है कि Cryptocurrency को रेगुलेट करना चाहिए।"

क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लगाया जाए या नहीं, उसको लेकर RBI के डिप्टी गवर्नर का यह बयान काफी अहम है। डिप्टी गवर्नर ने कई ऐसी बाते बताईं जिनकी वजह से फाइनेंशियल सिस्टम में प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी का होना चिंताजनक हो सकता है। ऐसा पहली बार हुआ है जब RBI के किसी सीनियर अधिकारी ने क्रिप्टोकरेंसी के खिलाफ खुलकर अपना पक्ष रखा है ।


Stock Market : मंदड़ियों के “जाल” में फंसा बाजार, बिकवाली के तूफान में 2 दिन में इनवेस्टर्स के डूबे 10 लाख करोड़ रुपये

इससे पहले RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने क्रिप्टोकरेंसी के लेकर अपनी चिंताए जताई थी। तब उन्होंने कहा था कि क्रिप्टोकरेंसी मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी के लिए खतरा बन सकती हैं। इस साल बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्रिप्टोकरेंसी के लेनदेन पर 30% टैक्स लगाने का ऐलान किया था। हालांकि इसके बाद उन्होंने साफ कर दिया कि क्रिप्टो पर 30% टैक्स का मतलब ये नहीं है कि यह करेंसी लीगल मानी जाएगी।

शंकर ने आज कहा कि क्रिप्टोकरेंसी किसी देश की वित्तीय संप्रभुता (financial sovereignty) के लिए खतरा है। प्राइवेट कंपनियों की तरफ से शुरू की गई इन क्रिप्टोकरेंसी का ट्रांजैक्शन इसे काफी संवेदनशील बनाते हैं। आज 14 फरवरी को ही निर्मला सीतारमण ने कहा था कि क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सरकार और RBI के बीच पूरी तरह तालमेल है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।