14 फरवरी को लगातार दूसरे दिन इक्विटी मार्केट में उठे बिकवाली के तूफान में इनवेस्टर्स के लगभग 10 लाख करोड़ रुपये डूब गए। यूक्रेन पर रूस के हमले की आशंकाओं, क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और ग्लोबल मार्केट में गिरावट से निवेशकों में खासा डर का माहौल है। सोमवार को इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स में लगभग 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि पिछले सेशन में 1.3 फीसदी की गिरावट रही थी। आज सेंसेक्स 1,747 अंक गिरकर 56,406 पर और निफ्टी50 (Nifty50) 532 अंक टूटकर 16,843 पर बंद हुआ।
इस गिरावट के साथ 2022 में बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट बनी हुई है, जबकि बीते साल इंडेक्स ने 22 फीसदी का रिटर्न दिया था।
इन वजहों से टूट रहा बाजार
जिओजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा, “अनिश्चितता काफी ज्यादा है। यदि यूक्रेन संकट (Ukraine crisis) युद्ध में बदल जाता है तो इससे बाजार को शॉर्ट टर्म में खासा नुकसान पहुंच सकता है। हमले की स्थिति में रूस पर गंभीर प्रतिबंधों के चलते रूस की इकोनॉमी कमजोर हो सकती है।”
मिडकैप और स्मालकैप की तगड़ी पिटाई
मुख्य इंडेक्स की तर्ज पर ब्रॉडर मार्केट में भी गिरावट रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 3.94 फीसदी और स्मालकैप 100 इंडेक्स में 4.44 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
आईटी और फार्मा को छोड़कर सभी सेक्टरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। आईटी में सिर्फ 0.25 फीदी और फार्मा में 0.73 फीसदी की गिरावट रही। निफ्टी बैंक, ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज और मेटल इंडेक्स में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही।
इनवेस्टर्स को महज दो सेशन में लगभग 9.57 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया। सोमवार को बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर 258.24 लाख करोड़ रुपये रह गया, जबकि की 10 फरवरी को यह 267.81 लाख करोड़ रुपये पर बंद हुआ था।
यूक्रेन टेंशन खत्म होने तक निगेटिव रहेगा सेंटीमेंट
एक्सपर्ट्स ने कहा, रूस और यूक्रेन के बीच टेंशन को लेकर अनिश्चितता खत्म होने तक सेंटीमेंट निगेटिव बना रह सकता है। हेम सिक्योरिटीज के हेड (पीएमएस) मोहित निगम ने कहा, “यूक्रेन-रूस टेंशन, क्रूड ऑयल में उछाल और यूएस फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना के चलते बाजारों पर शॉर्ट टर्न के लिए निगेटिव सेंटीमेंट हावी है।” उन्होंने कहा कि मौजूदा गिरावट यूक्रेन क्राइसिस की वजह से हैं और क्राइसिस कम होने पर बाजार जोरदार वापसी कर सकता है।
जापान के निक्की में 2 फीसदी ज्यादा कमजोरी के साथ पूरे एशियाई बाजारों पर दबाव बना रहा। चीन के शंघाई कम्पोजिट, हांगकांग के हैंडसैंग और दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 1-1.6 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में बड़ी गिरावट रही थी।
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