DA Hike Calculation: केंद्र सरकार ने एंप्लॉयीज का डीए बढ़ाने का ऐलान किया है। बढ़ा हुआ डियरनेस अलाउन्स 1 जुलाई से लागू होगा। एंप्लॉयीज को काफी समय से इसका इंतजार था। लेकिन, सरकार ने दिवाली से पहले इसका एलान किया। अब डीए बेसिक पे के 60 फीसदी से बढ़कर 63 फीसदी हो गया है। सवाल है कि केंद्र सरकार के करीब 50 लाख एंप्लॉयीज और 70 लाख पेंशनर्स को डीए का कितना एरियर मिलेगा?
चार महीने का डीए का एरियर मिलेगा
केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज को जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्तूबर का डीए का एरियर्स मिलेगा। यह ध्यान में रखना जरूरी है कि अलग-अलग लेवल के एंप्लॉयीज के डीए का एरियर्स अलग-अलग बनेगा। डीए का कैलकुलेशन बेसिक पे के हिसाब से होता है। चूंकि डीए 3 फीसदी बढ़ा है, जिसका मतलब है कि अब एंप्लॉयीज को बेसिक पे का 3 फीसदी हर महीने अतिरिक्त मिलेगा।
बेसिक पे के आधार पर डीए का कैलकुलेशन
केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज का बेसिक पे 18,000 रुपये से शुरू होता है। इसका मतलब है कि लेवल 1 पे ग्रेड में आने वाले एंप्लॉयीज का डीए हर महीने अब 3 फीसदी ज्यादा यानी 540 रुपये ज्यादा मिलेगा। इसका एरियर्स जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर का बनेगा। इन चार महीनों का एरियर 2,160 रुपये बनेगा। यह पैसा अक्टूबर की सैलरी के साथ आएगा।
ज्यादा बेसिक पे होने पर ज्यादा एरियर बनेगा
इसी तरह लेवल 2 से लेवल 5 एंप्लॉयीज का बेसिक पे 19,900 से 81,000 रुपये के बीच है। अगर लेवल 2 एंप्लॉयी की बात की जाए तो 19,900 बेसिक पे के हिसाब से अतिरिक्त डीए हर महीने 597 रुपये बनेगा। जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर का इसका एरियर 2,388 रुपये होगा। अगर लेवल 5 एंप्लॉयीज की बात की जाए तो उसका बेसिक पे 81,000 रुपये है। इसके 3 फीसदी के हिसाब से उसका हर महीने अतिरिक्त डीए 2,430 रुपये बनेगा। चार महीने का इसका एरियर 9,720 रुपये बनेगा।
पेंशनर्स को भी डियरनेस रिलीफ का एरियर मिलेगा
केंद्र सरकार के बाकी एंप्लॉयीज के अतिरिक्त डीए का कैलकुलेशन इस आधार पर किया जा सकता है। जहां तक पेंशनर्स की बात है तो यह समझना जरूरी है कि डीए की जगह वे डियरनेस रिलीफ के तहत आते हैं। केंद्र सरकार ने डियरनेस रिलीफ (DR) भी 3 फीसदी बढ़ाने का ऐलान किया है। उन्हें भी बढ़ा हुआ डीआर इस साल 1 जुलाई से मिलेगा।
जुलाई से अक्टूबर तक का डीए का कैलकुलेशन
सरकार पर आएगा 10016 करोड़ रुपये का बोझ
सरकार ने कहा है कि डीए और डीआर 3 फीसदी बढ़ाने से उस पर अतिरिक्त 10,016.10 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। यह ध्यान में रखना जरूरी है कि डीए के कैलकुलेशन का यह फॉर्मूला 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित है। आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद डीए कैलकुलेशन का मौजूदा तरीका बदल सकता है। 8वें वेतन आयोग के अगले साल मई तक अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप देने की उम्मीद है।