Daily Voice: जानिए आईटीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज पर क्या है हेम सिक्योरिटीज के मोहित निगम की सलाह

देश में चल रहे सुधार, टेक्नोलॉजी पर फोकस, पीएलआई स्कीम के जरिए मेड इन इंडिया को मिल रहा प्रोत्साहन, एक्सपोर्ट में हो रही बढ़ोतरी और चाइना प्लस वन रणनीति कुछ ऐसे फैक्टर है जो आगे बाजार को ईंधन देते रहेंगे.

अपडेटेड Apr 02, 2022 पर 1:23 PM
आरबीआई अप्रैल की अपनी मीट में ब्याज दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं करेगा और ब्याज दरों में बढ़ोतरी के फैसले को इस साल के अंत तक के लिए टाल देगा.

हेम सिक्योरिटी के मोहित निगम ने मनीकंट्रोल से बातचीत करते हुए कहा कि हालांकि ITC में अभी तक अच्छी तेजी आ चुकी है लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अभी भी इस स्टॉक में खरीदारी के मौके हैं। बता दें कि मार्च महीने में आईटीसी के शेयरों में 17 फीसदी की तेजी देखने को मिली है जो पिछले 16 महीनों की सबसे बड़ी तेजी है।

उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि कंपनी तुलनात्मक रुप से काफी सुरक्षित है। इसकी वजह यह है कि यह होटल और सिगरेट जैसी कई सेगमेंट में डायवर्सिफाइड है जिसके चलते अगर कमोडिटी की कीमतों में बढ़त के चलते इसके एफएमसीजी सेगमेंट में कोई दबाव आता है तो दूसरे सेगमेंट में हुई कमाई से उसकी भरपाई हो जाएगी।

Reliance Industries पर अपनी राय देते हुए मोहित निगम ने कहा कि कंपनी ने 18 लाख करोड़ रुपये का मार्केट कैपिटलाइजेशन हासिल कर लिया। पिछले आंकड़ो पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2018 से कंपनी सालाना आधार पर 30 फीसदी का रिटर्न दे रही है और उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2023 में भी कंपनी का यह प्रदर्शन जारी रहेगा।


बाजार में जारी रहेगी तेजी

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए मोहित निगम ने कहा कि बाजार में तेजी जारी रहेगी। पिछले रिकॉर्ड टूटेंगे और बाजार नए हाई लगाएगा। कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी, उसके चलते आगे महंगाई के दबाव, जियोपॉलिटिकल संकट और अर्निंग से जुड़ी दिक्कतें अस्थाई है। हमें ज्यादा व्यापक नजरिए से बाजार को देखने को जरुरत है। देश में चल रहे सुधार, टेक्नोलॉजी पर फोकस, पीएलआई स्कीम के जरिए मेड इन इंडिया को मिल रहा प्रोत्साहन, एक्सपोर्ट में हो रही बढ़ोतरी और चाइना प्लस वन रणनीति कुछ ऐसे फैक्टर है जो आगे बाजार को ईंधन देते रहेंगे।

आरबीआई से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं

अप्रैल महीने में होने वाली आरबीआई की पॉलिसी मीट पर बात करते हुए मोहित निगम ने कहा कि इस मीटिंग में आरबीआई को बढ़ती कीमतों और जीडीपी में गिरावट आने की संभावना जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। हमें पहले उम्मीद थी कि अप्रैल की पॉलिसी मीट में आरबीआई अपनी दरों में बढ़ोतरी कर सकता है लेकिन अब ऐसा नहीं लगता। इसकी वजह यह है कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के चलते जियोपॉलिटिकल चिंताएं बढ़ गई हैं और इसका असर कमोडिटी की बढ़ती कीमतों के रूप में सामने आया है। गर्वनर शक्तिकांत दास पर महंगाई पर नियत्रंण के साथ ही देश की इकोनॉमी में ग्रोथ को भी बनाए रखने का भी दबाव है। ऐसे में लगता है कि आरबीआई अप्रैल की अपनी मीट में ब्याज दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं करेगा और ब्याज दरों में बढ़ोतरी के फैसले को इस साल के अंत तक के लिए टाल देगा।

पिछले हफ्ते बाजार में दिखी 3% की तेजी, टेलिकॉम और रियल्टी सबसे ज्यादा चमके

जब मोहित निगम से पूछा गया है कि अगर आपके पास 10 लाख रुपये हों तो वर्तमान में आप कहां निवेश करना चाहेंगे तब उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास 10 लाख रुपये हैं तो उसको इस पैसे का 65 फीसदी इक्विटी में , 20 फीसदी डेट में और 15 फीसदी गोल्ड में निवेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2023 इक्विटीज के लिए अच्छा रह सकता है जिसको ध्यान में रखकर निवेशक अपने पैसे का बड़ा हिस्सा इक्विटी में निवेश कर सकते हैं और इक्विटीज में भी करीब 50 फीसदी हिस्सा लॉर्जकैप में , 30 फीसदी हिस्सा मिडकैप में और बाकी बचा हिस्सा स्मॉलकैप में डालना चाहिए।

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