पिछले साल अक्टूबर के रिकॉर्ड हाई से 14 फीसदी टूटने के बावजूद फ्यूचर मार्केट से संकेत मिल रहा है कि भारतीय खुदरा निवेशकों का जोश अभी भी हाई बना हुआ है। Bloomberg द्वारा संकलित आंकड़ों के मुताबिक किसी सिंगल स्टॉक फ्यूचर्स में आउटस्टैंडिंग लॉन्ग-टू-शॉर्ट पोजीशनों का अनुपात 3.74 के 10 साल के मध्यमान ( mean)के मुकाबले 6.74 गुना पर है। हालांकि यह जनवरी के 10.4 के स्तर से कम है। इस अनुपात में अभी भी कायम यह बढ़त इस बात का संकेत है कि इस साल स्टॉक मार्केट में आई गिरावट के बावजूद रिटेल निवेशक बाजार को लेकर आशावादी बने हुए हैं।
JM Financial Institutional Securities के श्रीनिवास बालसुब्रमण्यन (Shrinivas Balasubramanian) का कहना है कि इससे इस बात के संकेत मिलते हैं कि बाजार में भारी जोखिम के बावजूद रिटेल निवेशक खतरा उठाने के मूड में है।
गौरतलब है कि भारतीय बाजार में रिटेल निवेशक लगातार अहम जगह लेते जा रहे हैं। आधारिक आंकड़ों के मुताबिक 2021 की ट्रेडिंग में इनकी हिस्सेदारी 45 फीसदी थी जो पिछले 5 साल की तुलना में 33 फीसदी ज्यादा थी। पिछले साल अप्रैल से अक्टूबर की अवधि में 1.42 नए रिटेल अकाउंट खुले थे। कोविड के बाद बाजार में आए उछाल ने रिटेल निवेशक जोरदार भागीदारी करते नजर आए हैं।
इस बीच बाजार की आज की चाल पर नजर डालें तो बाजार में 6 सत्र की गिरावट के बाद आज कंसोलिडेशन आया। आज सेंसेक्स 180 और निफ्टी 60 अंक की बढ़त पर बंद हुए। मिडकैप, स्मॉल कैप शेयरों में तेजी रही। मेटल, एनर्जी, बैंकिंग शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। FMCG और IT शेयरों में दबाव रहा। 2 सत्रों के बाद बैंकिंग शेयरों में खरीदारी रही। हालांकि FMCG और IT शेयरों में दबाव रहा। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में तेजी रही। निफ्टी के 50 में से 31 शेयरों में खरीदारी रही। निफ्टी बैंक के सभी 12 शेयरों में तेजी रही।
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