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Diwali 2022: इस बार दिवाली पर आप सोने में कैसे कर सकते हैं निवेश?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सरकार की गारंटी के साथ आते हैं। इसका आठ साल मैच्योरिटी पीरियड होता है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर इसे पांच साल के बाद भुनाया जा सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 24, 2022 पर 1:42 PM
Diwali 2022: इस बार दिवाली पर आप सोने में कैसे कर सकते हैं निवेश?
पिछले सालों में फिनटेक कंपनियों ने डिजिटल गोल्ड लॉन्च किए हैं, जिसमें निवेश करना फिजिकल गोल्ड खरीदने के मुकाबले बहुत आसान है। ग्राहक ऑनलाइन गोल्ड खरीदता है और यह गोल्ड सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के वॉल्ट में स्टोर हो जाता है

Diwali 2022: दिवाली पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। कुछ लोग सोने की ज्वेलरी (Gold Jewelry) खरीदते हैं तो कुछ लोग इनवेस्टमेंट (Investment) के लिए सोने में निवेश करते हैं। कुछ साल पहले तक ज्वेलरी सोने में निवेश का एकमात्र विकल्प था। लेकिन, पिछले कुछ सालों में सोने में निवेश के हमारे लिए कई विकल्प उपलब्ध हो गए हैं। फाइनेंशियल मार्केट के विस्तार और टेक्नोलॉजिकल इनोवेशंस से गोल्ड में निवेश करना बहुत आसान हो गया है।

इस बार आपके लिए सोने में निवेश के सही ऑप्शन को सेलेक्ट करना बहुत जरूरी है। आइए सोने में निवेश के अलग-अलग विकल्प के बारे में जानते हैं।

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गोल्ड ज्वेलरी में निवेश के पारंपरिक रूप से दो मकसद रहे हैं। पहला ज्वेलरी पहनने के काम में आ जाता है। दूसरा, सोने की कीमतें बढ़ने के साथ ही ज्वेलरी की कीमतें भी बढ़ती हैं। मुश्किल वक्त में यह हमारी मदद भी करता है। लोग ज्वेलरी को साहूकार के पास रख कर्ज लेते थे। लेकिन, अब वक्त बदल गया है। कर्ज के लिए साहूकार पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं रह गई है। ज्वेलरी खरीदने में आपको कई तरह के चार्ज भी चुकाने पड़ते हैं। इससे सोने में निवेश पर मिलने वाल रिटर्न कम हो जाता है। करीब 10-15 फीसदी मेकिंग चार्ज देना पड़ता है। फिर, ज्वैलरी की वैल्यू पर 3 फीसदी जीएसटी लगता है। खरीदारी के वक्त ही ऐसे चार्जेज पर आपका करीब 18 फीसदी पैसा खर्च हो जाता है।

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