Diwali 2022: दिवाली पर गोल्ड (Gold) खरीदना शुभ माना जाता है। हर साल अगर दिवाली पर कुछ पैसा आप गोल्ड में इनवेस्ट करते हैं तो लंबी अवधि में आपके पास अच्छा सोना जमा हो जाता है। इसका इस्तेमाल आप बच्चों की शादी के दौरान कर सकते हैं। तब आप पर गोल्ड खरीदने का दबाव नहीं होगा। पिछले कुछ सालों में गोल्ड में निवेश के कई विकल्प आ गए हैं। इनमें गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF), गोल्ड फंड (Gold Fund) और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond) शामिल हैं।
एक्सपर्टस का कहना है कि आप दिवाली पर फिजिकल गोल्ड (Physical Gold) की जगह गोल्ड ईटीएफ में निवेश कर सकते हैं। गोल्ड ईटीएफ खरीदना बहुत आसान है। गोल्ड ईटीएफ आपके डीमैंट अकाउंट में रहता है, जिससे इसके खोने या चोरी होने का कोई डर नहीं रहता है। अगर प्योरिटी की बात करें तो गोल्ड ईटीएफ स्कीमें 99.5 प्योरिटी वाले गोल्ड खरीदती हैं। इसे शेयरों की तरह एक्सचेंजों में कभी भी खरीदा या बेचा जा सकता है। निवेशक चाहे तो गोल्ड की एक यूनिट भी खरीद सकता है।
यह गोल्ड ईटीएफ में निवेश का अच्छा समय है, क्योंकि पिछले तीन महीनों में सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। इस दौरान वैश्विक बाजार में सोने की कीमतें 1802 डॉलर प्रति औंस से गिरकर 1,677 डॉलर प्रति औंस पर आ गई हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड का आउटलुक काफी पॉजिटिव है। इस साल के अंत तक गोल्ड के भाव घरेलू बाजार में 60,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकते हैं।
पिछले पांच साल में गोल्ड की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 2017 के अंत में गोल्ड का प्राइस 30,000 रुपये प्रति 10 ग्राम था। 2020 अगस्त में प्राइस 56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था। फिर, सोने की कीमतों में नरमी आई। अभी यह 51,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा है। 2020 में सोने की कीमतों में जबर्सदस्त उछाल आया था। इसकी वजह कोरोना की महामारी थी। इस वजह से मार्च में शेयर बाजारों में जबर्दस्त गिरावट आई थी। इसके उलट गोल्ड की चमक बढ़ गई थी। 2020 में गोल्ड का रिटर्न 38 फीसदी था।
पिछले पांच साल में गोल्ड ईटीएफ का सालाना रिटर्न 12.4 फीसदी रहा है। इसमें 2020 में गोल्ड की कीमतों में आए उछाल का बड़ा हाथ है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इनवेस्टमें के लिहाज से गोल्ड में पैसा लगाना है तो फिजिकल गोल्ड के मुकाबले गोल्ड ईटीएफ में निवेश कई वजहों से फायदेमंद है।
गोल्ड ईटीएफ में निवेश करना बहुत आसान है। आप सिर्फ एक क्लिक से गोल्ड ईटीएफ में निवेश कर सकते हैं। फिर यह आपको डीमैट अकाउंट में आ जाएगा। प्योरिटी को लेकर किसी तरह की चिंता नहीं रहती है। उधर, फिजिकल गोल्ड में खरीदने में प्योरिटी बड़ा मसला होता है। गोल्ड ईटीएफ की लिक्विडिटी भी फिजिकल गोल्ड के मुकाबले बहुत अच्छी है। आप इसे एक्सचेंज में खरीद और बेच सकते हैं। फिजिकल गोल्ड को सही कीमत पर तुरंत बेचना मुश्किल है। फिजिकल गोल्ड में आपको मेकिंग चार्ज और स्टोरेज कॉस्ट जैसे मसलों का ध्यान रखना पड़ता है। गोल्ड ईटीएफ में यह चिंता नहीं रहती है।