भारतीय सराफा बाजार के लिए आज का दिन ऐतिहासिक और हलचल भरा रहा। घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों ने जबरदस्त छलांग लगाते हुए 6% का ऊपरी सर्किट (Upper Circuit) छू लिया, जिससे इसकी कीमत ₹2,95,805 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। केवल चांदी ही नहीं, बल्कि सोने की चमक भी आज सातवें आसमान पर रही और इसने भी 6% की बढ़त के साथ ₹1,62,648 प्रति 10 ग्राम का स्तर पार कर लिया।
इस अचानक आई तेजी के पीछे भारत सरकार का एक बड़ा फैसला और वैश्विक परिस्थितियां मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।
1. आयात शुल्क (Import Duty) में भारी बढ़ोतरी
बाजार में इस उछाल का सबसे तात्कालिक कारण भारत सरकार द्वारा कीमती धातुओं पर आयात शुल्क में की गई भारी वृद्धि है। सरकार ने विदेशी खरीद को नियंत्रित करने और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने के उद्देश्य से सोने और चांदी पर प्रभावी आयात शुल्क को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। इस फैसले के लागू होते ही घरेलू बाजारों में कीमतों में आग लग गई, क्योंकि अब बाहर से सोना-चांदी मंगाना काफी महंगा हो गया है।
2. वैश्विक तनाव और 'सेफ हेवन' डिमांड
कीमतों में वृद्धि का दूसरा बड़ा पहलू अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव है। मध्य पूर्व (West Asia) में ईरान से जुड़े संघर्ष और 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों पर मंडराते खतरे ने निवेशकों को डरा दिया है। अनिश्चितता के ऐसे माहौल में निवेशक शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे विकल्पों के बजाय सोने और चांदी को सबसे सुरक्षित निवेश (Safe Haven) मानते हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर इनकी मांग और कीमतें बढ़ रही हैं।
3. अमेरिकी मुद्रास्फीति और फेडरल रिजर्व का रुख
अमेरिका से आई ताजा मुद्रास्फीति (Inflation) की रिपोर्ट ने भी आग में घी डालने का काम किया है। वहां महंगाई दर उम्मीद से अधिक 3.8% रही है। इसके चलते अब यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व 2027 के अंत तक ब्याज दरों में शायद ही कोई कटौती करे। महंगाई बढ़ने से डॉलर के मुकाबले धातुओं की कीमत में मजबूती आई है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले दिनों में चांदी ₹3 लाख प्रति किलो के आंकड़े को भी पार कर सकती है। हालांकि, आयात शुल्क बढ़ने से एक चिंता यह भी जताई जा रही है कि इससे देश में तस्करी (Smuggling) को बढ़ावा मिल सकता है।
एक ओर जहां निवेशकों के लिए यह मुनाफा कमाने का समय है, वहीं आम खरीदारों और ज्वेलरी उद्योग के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। शादी-ब्याह के सीजन से पहले कीमतों में इस तरह का उछाल मध्यम वर्ग की जेब पर भारी पड़ने वाला है।
* MCX चांदी: ₹2,95,805/किग्रा (6% उछाल)
* नया आयात शुल्क: 15% (पहले 6% था)
* अंतरराष्ट्रीय सोना: $4,713.39 प्रति औंस