Get App

अगर आप 10 लाख रुपए निवेश करना चाहते हैं तो पहले इंडिया के टॉप फंड मैनेजर की सलाह जान लीजिए

मिराए एसेट इनवेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) के चीफ इनवेस्टमेंट अफसर (CIO)-इक्विटी नीलेश सुराना (Neelesh Surana) ने कहा कि जिन इनवेस्टर्स का एसेट एलोकेशन सही नहीं है, उन्हें अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी चाहिए।इसकी वजह यह है कि मार्केट में गिरावट से इक्विटी में उनका एलोकेशन घट गया होगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 02, 2022 पर 11:05 PM
अगर आप 10 लाख रुपए निवेश करना चाहते हैं तो पहले इंडिया के टॉप फंड मैनेजर की सलाह जान लीजिए
नीलेश सुराना ने कहा कि इंडियन इकोनॉमी और कंपनियां ऑयल की कीमतों और इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी के असर को बर्दाश्त करने में सक्षम हैं।

Where to invest Rs 10 lakh: पिछले दशक में मिराए एसेट इनवेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) (Mirae Asset Investment Managers India)ने म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में अपनी अच्छी पहचान बनाई है। इसके इक्विटी फंडों का प्रदर्शन अच्छा रहा है। इसमें फंड हाउस के चीफ इनवेस्टमेंट अफसर (CIO)-इक्विटी नीलेश सुराना (Neelesh Surana) का बड़ा योगदान है। उन पर 94,000 करोड़ रुपये के फंड के मैनेजमेंट की जिम्मेदारी है। इस फंड हाउस की दो स्कीमें-मिराए एसेट इमर्जिंग ब्ल्यूचिप (Mirae Asset Emerging Bluechip) और मिराए एसेट लार्ज कैप (Mirae Asset Large Cap) 20 सबसे बड़े इक्विटी फंडों में शामिल हैं।

मनीकंट्रोल से बातचीत में सुराना ने बताया कि आज अगर कोई इनवेस्टर 10 लाख रुपये इनवेस्ट करना चाहता है तो उसे इस पैसे को किस तरह निवेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एसेट एलोकेशन की वजह से अगर किसी निवशक के पोर्टफोलियो में इक्विटी का हिस्सा बढ़ गया है तो उसे इक्वल-वेट की तरफ बढ़ना चाहिए। इसका मतलब है कि ऑरिजिनल एसेट एलोकेशन के हिसाब से पोर्टफोलियो को रिबैलेंस करना चाहिए। इसके लिए नया SIP शुरू किया जा सकता है। जो सिप पहले से हैं, उन्हें जारी रखना चाहिए। आपको शेयरों में उसी पैसे को लगाना चाहिए, जिसे आप तीन से पांच साल के लिए निवेश कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें : ITR Verification: अब आईटीआर वेरिफिकेशन के लिए मिलेंगे सिर्फ 30 दिन, यहां डिटेल में जानिए नया नियम

उन्होंने कहा कि इंडियन इकोनॉमी और कंपनियां ऑयल की कीमतों और इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी के असर को बर्दाश्त करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि जिन इनवेस्टर्स का एसेट एलोकेशन सही नहीं है, उन्हें अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी चाहिए और सही मॉडल तैयार करना चाहिए। इसकी वजह यह है कि मार्केट में गिरावट से इक्विटी में उनका एलोकेशन घट गया होगा।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें