करनी है रिटायरमेंट प्लानिंग, इन बातों का रखें ख्याल

रिटायरमेंट के बाद हर कोई एक खुशहाल और आरामदायक जिंदगी चाहता है, ताकि सुकून से वक्त गुजर सके।

अपडेटेड Jul 13, 2018 पर 1:25 PM

रिटायरमेंट के बाद हर कोई एक खुशहाल और आरामदायक जिंदगी चाहता है, ताकि सुकून से वक्त गुजर सके, लेकिन ऐसा आसान नहीं है। इसके लिए आपको करनी होती है रिटायरमेंट की सॉलिड प्लानिंग, जिसके लिए जरूरी है कि जितना जल्दी हो सके आप रिटायरमेंट प्लान का शुभारंभ कर दें। लेकिन रिटायरमेंट प्लान करते वक्त पैसों और जरूरत का हिसाब-किताब का ख्याल तो रखना होता ही है। इसमें उम्र का भी बड़ा रोल होता है। इसलिए योर मनी आपके लिए लेकर आए हैं रिटायरमेंट प्लान की बारिकियां, ताकि आप उम्र के हिसाब से ऐसा प्लान चुन सकें जिससे ये आपकी जेब पर भारी तो नहीं ही पड़े  और आपका रिटायरमेंट भी शानदार रहे और इसमें हमारा साथ देने के लिए मौजूद है 5nance.com के सीईओ एंड फाउडर दिनेश रोहिरा।

दिनेश रोहिरा का कहना है कि रिटायरमेंट प्लानिंग की शुरुआत जितनी जल्द हो सकें उतनी जल्दी करें और अगर आप देरी से निवेश कर रहे है तो अपने निवेश की राशि को बढ़ाएं ताकि आपका लक्ष्य निर्धारित समय में पूरा हो सकें। ध्यान रहें एसेट एलोकेशन में इक्विटी और डेट फंड का बेहतर बैलेंस बनाए रखें और हर साल 5-10 फीसदी निवेश की राशि को बढ़ाएं।

दिनेश रोहिरा ने आगे बताया कि निवेशक अपने पोर्टफोलियो में बैलेंस बनाएं रखे और निवेश के जोखिम को कम करें। रिटायरमेंट की उम्र तय कर खर्च की प्लानिंग करें, ताकि रिटायरमेंट के बाद भी आपकी कमाई अच्छी रहें। निवेशक ना केवल अपनी बल्कि अपने पत्नी की भी रिटायरमेंट प्लानिंग करें। मेडिकल खर्च ध्यान में रखकर प्लान बनाएं। रिटायरमेंट के लिए सिस्टेमैटिक विड्रॉल प्लान अच्छा है।

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