पिछले कुछ महीनों में इलेक्ट्रिक बाइक्स (Electric Bikes) में आग लगने के कई मामले आए हैं। इसके बावजूद ई-बाइक्स की बिक्री रफ्तार पकड़ रही है। जनरल इंश्योरेंस कंपनियां भी इस सेगमेंट के बेहतर भविष्य को देखते हुए इस पर फोकस कर रही हैं। Bajaj Allianz और HDFC ERGO जैसी कंपनियों ने इलेक्ट्रिक कारों के लिए अलग पोर्टल बनाए हैं।
सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) की बिक्री बढ़ाने के लिए हर कोशिश कर रही है। उसने टैक्स बेनेफिटस का ऐलान किया है। IRDAI ने ईवी के थर्ड पार्टी प्रीमियम रेट में डिस्काउंट देने को कहा है। ईवी के भविष्य को देखते हुए बीमा कंपनियां ग्राहकों को विशेष सुविधाएं दे रही हैं। बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस ने डेडिकेटेड ईवी हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है। उसने 'EVforAll' नाम से इन सेवाओं की शुरुआत की है।
इससे पहले एचडीएफसी एर्गो ने 'allthingsEV' नाम से एक अलग प्लेटफॉर्म लॉन्च किया था। इस पर ईवी के ऑप्शंस, प्राइस, राज्य सरकार की तरफ से ऑफर की जाने वाली सब्सिडी, चार्जिंग स्टेशंस आदि की जानकारी उपलब्थ है।
एचडीएफसी एर्गो के प्रेसिडेंट (रिटेल बिजनेस) पार्थानिल घोष ने कहा, "सपोर्टिव पॉलिसी इनवायरमेंट, ग्रीन टेक्नोलॉजी को लेकर ग्राहकों में बढ़ती जागरुकता, अलग-अलग प्राइस की ईवी की उपलब्धता और इम्प्रूव्ड चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को देखते हुए अगले कुछ सालों में इंडिया में ईवी मार्केट की अच्छी ग्रोथ की उम्मीद दिखती है।"
ईवी का इस्तेमाल पर्यावरण के अनुकूल है। साथ ही इसके इस्तेमाल से लंबी अवधि में अच्छी बचत होती है। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में खासकर दोपहिया ईवी में आग लगने की खबरों से इसकी सुरक्षा को लेकर कुछ सवाल खड़े हुए हैं।
एक इंश्योरेंस ब्रोकिंग फर्म के सीनियर अधिकारी ने कहा, "ज्यादातर हादसे इलेक्ट्रिक बाइक्स से जुड़े रहे हैं। इसलिए इलेक्ट्रिक कारों के प्रीमिमय पर असर नहीं पड़ा है। इलेक्ट्रिक बाइक्स के लिए कुछ बीमा कंपनियों ने टैरिफ पर डिस्काउंट घटाए हैं। इससे पॉलिसीहोल्डर्स के लिए प्रीमियम 10 फीसदी महंगा हो गया है। इसका संबंध मैन्युफैक्चरर्स से भी है। अगर कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है तो प्रीमियम नहीं बढ़ता है।"
पॉलिसीबाजार डॉट कॉम में मोटर इंश्योरेंस के हेड नितिन कुमार ने बताया कि थर्ड-पार्टी लायबिलिटी प्रीमियम और एक्स-शोरूम प्राइस की वजह से प्रीमियम में कुछ अंतर है। चूंकि ईवी महंगी हैं, इसलसिए इंश्योर्ड डेक्लेयर्स वैल्यू (IDV) ज्यादा होगी। इसके चलते प्रीमियम भी ज्यादा हो जाएगा।
उन्होंने कहा, "इलेक्ट्रिक बाइक्स में रिप्लेसेबल बैटरी लगती हैं। पेट्रोल-डीजल व्हीकल्स में बैटरी टू-व्हीलर की बॉडी के अंदर होती है। लेकिन, ईवी में बैटरी बाहर होती है। इसलिए इन बैटरी के चोरी होने का डर होता है। अभी रेगुलेर कम्पहेंसिव पॉलिसी में यह पार्ट कवर नहीं होता है।"
ईवी के इंश्योरेंस सेगमेंट की ग्रोथ ईवी मार्केट की ग्रोथ से जुड़ी है। अभी ईवी मार्केट के सामने कुछ चुनौतियां हैं। सेफ्टी से जुड़ी चिंता के अलावा कई दूसरी वजहें हैं, जिनके चलते ईवी खरीदने से पहले ग्राहक कई बार सोचता है। यह तब है जब ग्राहकों को लंबी अवधि में इसके फायदों के बारे में जानकारी है।