दिल्ली सर्राफा बाजार में 15 जुलाई को सोने में स्थिरता रही। चांदी में हल्की गिरावट आई। लेकिन, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में बड़ी गिरावट आई। चांदी दिल्ली सर्राफा बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरी। इसकी वजह कमजोर लोकल मांग बताई जा रही है। सोने का भाव 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर अपरिवर्तित रहा।
गोल्ड और फ्यूचर्स में मामूली नरमी
दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 100 रुपये गिरकर 2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। ट्रेडर्स ने बताया कि ज्वेलर्स और इंस्ट्रियल यूजर्स की कमजोर खरीदारी से बुलियन की कीमतें सीमित दायरे में रहीं। इधर, भारत में गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में कमजोरी दिखी। शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.05 फीसदी नीचे चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.35 फीसदी नीचे था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना फिसला
विदेशी बाजार में सोने में बड़ी गिरावट आई। इसकी वजह मध्यपूर्व में बढ़ता तनाव है। अमेरिका-ईरान के बीच चल रही लड़ाई की वजह से अमेरिका सहित दुनियाभर में इनफ्लेशन बढ़ने का खतरा है। इनफ्लेशन को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की कीमतों में गिरावट आती है।
विदेश में चांदी में भी गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.6 फीसदी गिरकर 4,030.50 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। 14 जुलाई को सोने में 2 फीसदी से ज्यादा तेजी आई थी। इसकी वजह अमेरिका के रिटेल इनफ्लेशन के डेटा थे। अमेरिका में जून में महंगाई उम्मीद से कम बढ़ी है। 15 जुलाई को यूएस गोल्ड फ्यूचर्स (अगस्त डिलीवरी) 0.8 फीसदी गिरकर 4,036.20 प्रति औंस था। स्पॉट सिल्वर भी 1.1 फीसदी गिरकर 57.96 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
ईंधन महंगा होने से इंटरेस्ट रेट बढ़ने का अनुमान
यूबीएस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, "क्रूड ऑयल, पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों की वजह से अगले महीने इनफ्लेशन में उछाल दिख सकता है। इससे फेडरल रिजर्व की पॉलिसी आक्रामक रहने की उम्मीद है।" दरअसल, इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की डिमांड कम हो जाती है। इसका असर इसकी कीमतों पर पड़ता है। ट्रेडर्स को सितंबर में अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की 61 फीसदी उम्मीद है।
बुलियन पर मध्यपूर्व में तनाव का असर
इस साल जनवरी के आखिर में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। 2025 में सोने ने 70 फीसदी रिटर्न दिया था। लेकिन, इस साल सोने और चांदी पर दबाव दिख रहा है। मध्यपूर्व में लड़ाई का असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा है।