रिटायरमेंट प्लानिंग में प्रोविडेंट फंड की बड़ी हिस्सेदारी है। अगर कोई कंपनी अपने एम्प्लॉयर्स के पैसे पीएफ अकाउंट्स में डिपॉजिट नहीं करती है तो इससे एंप्लॉयीज के फाइनेंशियल फ्यूचर को बड़ा रिस्क हो सकता है। यही वजह है कि Employees Provident Fund Organisation (EPFO) कंपनियों को अपने एंप्लॉयीज के पैसे समय पर उनके पीएफ अकाउंट्स में डिपॉजिट करने के लिए कहता रहता है। प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले लोगों के लिए प्रोविडेंट फंड स्कीम को सब्सक्राइब करना अनिवार्य है। इस स्कीम में एंप्लॉयर और एंप्लॉयी दोनों ही EPF अकाउंट में बराबर-बराबर अमाउंट कंट्रिब्यूट करते हैं। इस अकाउंट में जमा पैसा एंप्लॉयी के नौकरी से रिटायर होने या नौकरी छोड़ने पर दे दिया जाता है। रिटायरमेंट पर उसे पेंशन भी मिलती है।
