कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) ने मेंबर्स के खातों में ब्याज क्रेडिट कर दिया है। सरकार ने सोमवार को संसद को बताया गया कि 6 मार्च 2023 तक 98 फीसदी अंशधारक फर्मों का ब्याज अपडेट हो गया है। कई सदस्यों और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने 2021-22 के लिए ईपीएफ पर तय की गई 8.1 फीसदी ब्याज को जमा नहीं करने का सवाल उठाया था लेकिन सरकार ने कहा इनका ब्याज ट्रांसफर कर दिया गया है।
लेबर मिनिस्टर ने कही ये बात
केंद्र सराकर के श्रम और रोजगार राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने सोमवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि ब्याज क्रेडिट करना एक लगातार चलने वाला प्रोसेस है। इसे सॉफ्टवेयर के डेवलप होने के बाद ब्याज ट्रांसफर करने का काम सही तरीके से किया गया है। उन्होंने कहा कि 6 मार्च 2023 तक 98% अंशदान करने वाले प्रतिष्ठानों के संबंध में यह प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
सभी EPF खातों की हुई जांच
कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) योजना 1952 के अनुच्छेद 60 (1) के प्रावधानों के अनुसार ईपीएफओ प्रत्येक सदस्य के खाते में तय दरों के मुताबिक ब्याज जमा करेगा। ये दरें केंद्र सरकार का बनाया केंद्रीय बोर्ड विचार विमर्श के बाद तय करता है। तेली ने कहा कि 6 मार्च 2023 तक अंशदायी फर्मों के 98% सदस्यों के खातों में ब्याज जमा कर दिया गया है। तेली ने बताया कि ब्याज क्रेडिट के साथ अकाउंट अपडेशन एक बड़ी प्रक्रिया है जिसमें प्रत्येक सदस्य के खाते में की गई ट्रांजेक्शन की चेकिंग की जाती है। इसी कारण ये प्रक्रिया बड़ी हो जाती है।
ईपीएफओ से अंशधारक कर रहे थे शिकायत
सोशल मीडिया पर ज्यादातर लोग वित्त वर्ष 2021-22 के लिए ईपीएफ पर ब्याज का पैसा नहीं देने की शिकायत ईपीएफओ से कर रहे थे। खाताधारकों की शिकायतों का जवाब देते हुए ईपीएफओ ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा था कि प्रिय सदस्य, ब्याज के भुगतान की प्रक्रिया चलती रहती है और जल्द ही आपके खाते में ये नजर आएगा। ब्याज की रकम का पूरा पेमेंट होगा और इंटरेस्ट का नुकसान नहीं होगा।