EPFO: आज EPF पर मिलने वाले ब्याज की दरें तय हो सकती है। कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) पर ब्याज दर में रिवीजन आज कर सकता है। अगर मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ये ब्याज दर इस बार 8 फीसदी से कम रह सकती है। आज सोमवार को रिटायरमेंट फंड बॉडी आज ईपीएफ पर मिलने वाले ब्याज को लेकर चर्चा करेगी और इस पर फैसला ले सकती है। इसके अलावा बोर्ड के सदस्य ज्यादा पेंशन के मुद्दे पर भी बैठक करेंगे। इसके सही तरीके से लागू करने पर भी चर्चा की जाएगी।
8% से कम हो सकता है EPF पर मिलने वाला ब्याज
हाल ही में ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार वित्त वर्ष 2022-23 के लिए पीएफ जमा पर ब्याज दर मौजूदा दर 8.1 प्रतिशत की तुलना में कम करके लगभग 8 प्रतिशत कर सकती है। ईपीएफओ की वित्त निवेश और लेखा परीक्षा समिति ने 2022-23 की कमाई के आधार पर इसकी सिफारिश की है।
अभी 40 साल में सबसे कम है ब्याज दर
ईपीएफओ का केंद्रीय बोर्ड केंद्रीय न्यासी बोर्ड (Central Board of Trustee ) एक त्रिपक्षीय निकाय है जिसमें सरकार, कर्मचारी और नियोक्ता के प्रतिनिधि शामिल हैं और सीबीटी का निर्णय ईपीएफओ को मानना होता है। इसकी अध्यक्षता लेबर मिनिस्टर करते हैं। 2021-22 के लिए सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि जमा पर चार दशक की सबसे कम ब्याज दर 8.1 प्रतिशत को मंजूरी दी थी। ईपीएफ पर 8.1 फीसदी की ब्याज दर 1977-78 के बाद से सबसे कम थी, तब यह 8 फीसदी थी।
रिटायरमेंट पर मिलता है EPF का पैसा
2020-21 के लिए ईपीएफ जमा पर 8.5 प्रतिशत की ब्याज दर केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने मार्च 2021 में तय की थी। ईपीएफ कर्मचारी भविष्य निधि 1952 के तहत एक अनिवार्य बचत योजना है। इसे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) चलाता है। यह हर एक ऑफिस, कंपनी को कवर करता है जहां 20 या उससे अधिक लोग काम करते हैं। कर्मचारी को भविष्य निधि के लिए एक निश्चित अंशदान का भुगतान करना होता है और इतनी ही राशि का भुगतान नियोक्ता हर महीने करता है। रिटारयरमेंट के समय इसका पैसा मिलता है। सितंबर 2017 से नवंबर 2021 के दौरान लगभग 4.9 करोड़ नए कर्मचारी EPF के साथ जुड़े हैं।