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EPFO Pension Rules: मृत्यु, दिव्यांगता या अर्ली रिटायरमेंट पर EPS पेंशन का क्या होता है? समझिए सभी नियम

EPFO Pension Rules: क्या EPS सिर्फ रिटायरमेंट के बाद पेंशन देता है? बहुत कम लोग जानते हैं कि कर्मचारी की मौत, दिव्यांगता और अर्ली रिटायरमेंट की स्थिति में भी इस योजना के अलग-अलग फायदे मिलते हैं। जानिए कौन, कब और कैसे पेंशन का हकदार बनता है।

Suneel Kumarअपडेटेड Jun 22, 2026 पर 2:49 PM
EPFO Pension Rules: मृत्यु, दिव्यांगता या अर्ली रिटायरमेंट पर EPS पेंशन का क्या होता है? समझिए सभी नियम
EPS की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह कर्मचारी की मृत्यु के बाद भी परिवार को सुरक्षा देता है।

EPFO Pension Rules: कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) 1995 को सिर्फ रिटायरमेंट पेंशन योजना समझना बड़ी भूल हो सकती है। यह सोशल सिक्योरिटी स्कीम भी है, जो कर्मचारी के साथ-साथ उसके परिवार को भी सुरक्षा देने का काम करती है। कर्मचारी की रिटायरमेंट, दिव्यांगता या मृत्यु जैसे हालात में EPS के नियम भी अलग-अलग लागू होते हैं।

रिटायरमेंट पर कब मिलती है पेंशन?

अगर कोई कर्मचारी कम से कम 10 साल तक EPS में योगदान करता है, तो वह 58 साल की उम्र के बाद मंथली पेंशन पाने का हकदार बन जाता है। हालांकि कर्मचारी चाहे तो 50 साल की उम्र के बाद अर्ली पेंशन भी ले सकता है। लेकिन ऐसी स्थिति में पेंशन की रकम कम हो जाती है, क्योंकि उसे तय उम्र से पहले निकाला जा रहा होता है।

दिव्यांगता की स्थिति में क्या होता है?

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