EPFO: अगर आपको ज्यादा पेंशन चाहिए तो आज अप्लाई करने की अंतिम तिथि है। अगर श्रम मंत्रालय और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) डेडलाइन बढ़ाने का फैसला नहीं करते हैं तो आज 26 जून ज्यादा पेंशन पाने के लिए अप्लाई करने की अंतिम तिथि है। सरकार पहले भी इस डेडलाइन को दो बार आगे बढ़ा चुकी है।
सरकार ने 2 बार बढ़ाई है डेडलाइन
एंप्लॉयीज पेंशन स्कीम (EPS) के तहत अधिक पेंशन के लिए आवेदन करने के लिए पहले 3 मार्च 2023 तक का समय दिया था लेकिन अब इसे बढ़ाकर 3 मई 2023 कर दिया गया। फिर इसे दूसरी बार बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया था। इस डेडलाइन के बढ़ने से एंप्लॉयीज को बड़ी राहत मिली थी।
ये हैं पेंशन पाने के नियम
आपकी कंपनी जो भी अंशदान करती है उसका 8.33 फीसदी ईम्पलॉयी पेंशन स्कीम (EPF) में जाता है। बाकी अंशदान EPF में होता है। ये कर्मचारी पेंशन योजना (EPS), 1995 के तहत निर्देशित है। हालांकि, पीएफ और पेंशन के लिए कैलुकलेशन 15,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी पर किया जाता है। तो सिर्फ 1,250 रुपये (15,000 रुपये का 8.33 प्रतिशत) ईपीएस में जाते हैं, बाकी पैसा ईपीएफ में जाता है। यदि कर्मचारी अपने वास्तविक मूल वेतन पर योगदान करना चुनते हैं, तो उनकी पेंशन आय बहुत अधिक होने की संभावना है। एक कर्मचारी कम से कम दस साल की सर्विस पूरी करने के बाद पेंशन पाने के लिए पात्र बनता है।
क्या है हायर पेंशन का पूरा मामला?
एंप्लॉयीज पेंशन स्कीम के तहत अभी 15 हजार रुपये तक की सैलरी के हिसाब से कांट्रिब्यूशन तय होता है यानी कि बेसिक सैलरी 50 हजार रुपये हो जाए तो भी ईपीएस में कांट्रिब्यूशन 15 हजार रुपये से ही तय होगा। इससे ईपीएस में काफी कम पैसे जमा हो पाते हैं यानी कि पेंशन बन पाती है। अब इस लिमिट को बढ़ा दिया गया है।
EPFO की ज्यादा पेंशन वाली स्कीम में क्या है खास?
पिछले साल 4 नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि 1 सितंबर 2014 को ईपीएफओ के सदस्य भी इस हायर पेंशन विकल्प का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए कोर्ट ने ईपीएफओ को चार महीने का समय देने को कहा था यानी 3 मार्च 2023 तक। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को ध्यान में रखते हुए ईपीएफओ ने 20 फरवरी 2023 को एक सर्कुलर जारी कर अधिकतम 15 हजार रुपये की सैलरी के 8.33 फीसदी के डिडक्शन की बजाय एंप्लॉयीज के बेसिक सैलरी के आधार पर करने का प्रावधान किया।
एलिजिबिल ईपीएस मेंबर को नजदीकी लोकल ईपीएफओ ऑफिस जाकर एप्लिकेशन भरना होगा। इसके अलावा जरूरी डॉक्यूमेंट्स सबमिट करने होंगे। वैलिडेशन के लिए एप्लिकेशन फॉर्म में पिछले सरकारी नोटिफिकेशन में दिए गए आदेश के अनुसार डिस्क्लेमर भी शामिल होना चाहिए। हर एप्लीकेशन का आंकड़ा डिजिटल होगा और आवेदकों को एक रिसीट नंबर दिया जाएगा। हायर पेंशन के आवेदनों की जांच के बाद जो भी फैसला होगा, उसे एप्लीकेंट्स को ई-मेल या पोस्ट और एसएमएस के जरिए बता दिया जाएगा।