क्या सरकार EPFO रिटायरमेंट पेंशन की सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹21,000 बढ़ाने वाली है!

EPFO News: पिछली बार इस पेंशन सीमा को 2014 में बढ़ाया गया था। तब EPFO के लिए मंथली सीमा 6500 रुपए थी जिसे बढ़ाकर 15,000 रुपए कर दिया गया था

अपडेटेड Nov 27, 2022 पर 10:47 PM
सरकार को उम्मीद है कि EPFO में शामिल होने की सैलरी सीमा बढ़ाने के बाद कंपनी और कर्मचारियों की तरफ से अनिवार्य कॉन्ट्रिब्यूशन बढ़ेगा

EPFO News: एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) रिटायरमेंट सेविंग स्कीम के लिए मंथली पेंशन सीमा यानि Wage Limit सरकार बढ़ा सकती है। फिलहाल यह सीमा 15,000 रुपए महीना है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अब इस सीमा को बढ़ाकर 21,000 रुपए महीना किया जा सकता है। पिछली बार इस सीमा को 2014 में बढ़ाया गया था। तब EPFO के लिए मंथली पेंशन की सीमा 6500 रुपए थी जिसे बढ़ाकर 15,000 रुपए कर दिया गया था। हालांकि यह पेंशन सीमा सिर्फ उन्हीं कंपनियों पर लागू होता है जहां कुल कर्मचारियों की संख्या 20 से ज्यादा हो।

सरकार को उम्मीद है कि EPFO में शामिल होने की पेंशन सीमा बढ़ाने के बाद कंपनी और कर्मचारियों की तरफ से अनिवार्य कॉन्ट्रिब्यूशन बढ़ेगा। इससे कर्मचारी अपने रिटायरमेंट के लिए ज्यादा बचत कर पाएंगे। इसके साथ ही ज्यादा से ज्यादा लोग EPFO के दायरे में आएंगे।

ET की एक रिपोर्ट के मुताबिक, EPFO की Wage Limit बढ़ाने के बाद करीब 75 लाख कर्मचारी इस दायरे में आएंगे। फिलहाल 6.8 करोड़ कर्मचारी EPFO के तहत रजिस्टर्ड हैं।


कैसे काम करता है ये सीलिंग

EPFO के दायरे में अभी हर महीने 15,000 रुपए कमाने वाले कर्मचारी आते हैं। कंपनी और कर्मचारियों को मिलकर सैलरी का 12% कॉन्ट्रिब्यूशन EPFO में जमा करना पड़ता है। दूसरा ये कि ऑर्गेनाइज्ड सेक्टर के वो कर्मचारी जिनकी सैलरी 15,000 रुपए से कम है उन्हें भी EPF का मेंबर बनना जरूरी है। ऐसे में कर्मचारी चाहे तो अपना कॉन्ट्रिब्यूशन बढ़ा सकता है लेकिन कंपनी की तरफ से एक तय रकम ही कॉन्ट्रिब्यूट किया जाता है।

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