EPS Scheme 2026: अब चुटकियों में क्लेम होगा पेंशन का पैसा! नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, परिवार को मिलेंगे ये 5 बड़े फायदे

Family Pension Benefits Under EPS: अब आपको ईपीएस क्लेम के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। आप ईपीएफओ मेंबर पोर्टल पर जाकर अपने यूएएन और पासवर्ड के जरिए लॉगिन करके सीधे ऑनलाइन क्लेम फॉर्म भर सकते हैं और इसे आधार ओटीपी के जरिए वेरीफाई कर सकते हैं

अपडेटेड Jul 15, 2026 पर 11:18 AM
ईपीएस पेंशन का लाभ उठाने के लिए आपका योग्य होना जरूरी है। इसके लिए मुख्य शर्तें ये हैं

EPFO EPS Scheme 2026 Rules: नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का सबसे बड़ा सहारा इंप्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS) होती है। हाल ही में सरकार ने पुराने नियमों को बदलते हुए EPS 2026 को लागू कर दिया है, जो पुराने EPS-95 की जगह लेगा। नए नियमों के तहत अब पेंशन क्लेम की प्रक्रिया को बेहद आसान और समयबद्ध बना दिया गया है।

आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि आप अपना ईपीएस पेंशन क्लेम कैसे कर सकते हैं और इस नई स्कीम में आपके परिवार को कौन से 5 बड़े पेंशन फायदे मिलते हैं।

EPS क्लेम करने से पहले चेक करें अपनी योग्यता


ईपीएस पेंशन का लाभ उठाने के लिए आपका योग्य होना जरूरी है। इसके लिए मुख्य शर्तें ये हैं:

10 साल की सेवा: ईपीएस के तहत मासिक पेंशन पाने के लिए कर्मचारी की न्यूनतम पेंशन योग्य सेवा 10 वर्ष होनी चाहिए।

उम्र सीमा: सामान्य तौर पर सदस्य 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर मासिक पेंशन पाने का हकदार होता है। हालांकि, 10 साल की सेवा पूरी करने वाले सदस्य 50 वर्ष की उम्र से ही 'अंतिम राहत' के तौर पर अर्ली पेंशन ले सकते हैं, लेकिन इसमें पेंशन की राशि थोड़ी कम हो जाती है।

विड्रॉल बेनिफिट: जिन कर्मचारियों की सेवा 10 वर्ष से कम है, वे पेंशन के बजाय एकमुश्त विड्रॉल बेनिफिट का दावा कर सकते हैं।

KYC अपडेट रखना है सबसे जरूरी

पेंशन क्लेम में किसी भी तरह की देरी से बचने के लिए आपका ईपीएफओ रिकॉर्ड बिल्कुल अपडेट होना चाहिए।

आपके ईपीएफ खाते में आधार, बैंक खाता संख्या, पैन और जन्म तिथि बिल्कुल सही होनी चाहिए।

आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) एक्टिवेट होना चाहिए और वह आधार से लिंक होना चाहिए। अगर आपके दस्तावेजों और ईपीएफ खाते की जानकारियों में थोड़ा भी अंतर होगा, तो आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।

सही फॉर्म का चुनाव करें

आप किस तरह का लाभ लेना चाहते हैं, फॉर्म का चुनाव उसी पर निर्भर करता है:

फॉर्म 10D (Form 10D): अगर आप अपनी पात्रता पूरी कर चुके हैं और हर महीने मिलने वाली नियमित पेंशन का दावा करना चाहते हैं, तो आपको फॉर्म 10D भरना होगा।

फॉर्म 10C (Form 10C): अगर आपकी सेवा 10 वर्ष से कम है और आप पेंशन फंड में जमा पूरी रकम एकमुश्त निकालना चाहते हैं, तो आपको फॉर्म 10C भरना होगा।

पेंशन क्लेम की ऑनलाइन प्रक्रिया और नया 20-डे रूल

अब आपको ईपीएस क्लेम के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। आप ईपीएफओ मेंबर पोर्टल पर जाकर अपने यूएएन और पासवर्ड के जरिए लॉगिन करके सीधे ऑनलाइन क्लेम फॉर्म भर सकते हैं और इसे आधार ओटीपी के जरिए सत्यापित कर सकते हैं।

20 दिनों का सख्त नियम: EPS 2026 के नए नियमों के तहत अब कमिश्नर को आपका पेंशन क्लेम आवेदन मिलने के 20 दिनों के भीतर निपटाना होगा। अगर बिना किसी ठोस वजह के क्लेम सेटल होने में 20 दिनों से ज्यादा की देरी होती है, तो देरी की अवधि के लिए 12% सालाना की दर से ब्याज दिया जाएगा और यह ब्याज संबंधित अधिकारी की सैलरी से भी वसूला जा सकता है।

EPS 2026: परिवार को मिलने वाले 5 बड़े पेंशन बेनिफिट्स

ईपीएस स्कीम का सबसे खूबसूरत पहलू यह है कि यह केवल कर्मचारी को ही नहीं, बल्कि उसके न रहने पर परिवार को भी सामाजिक सुरक्षा देती है। स्कीम के तहत मिलने वाले 5 बड़े फायदे ये हैं:

1. विधवा/विधुर पेंशन: ईपीएफ सदस्य की मृत्यु होने पर उसकी पत्नी या पति को आजीवन पेंशन मिलती है। यह पेंशन उनके दोबारा शादी करने या मृत्यु होने तक जारी रहती है।

2. बच्चों के लिए पेंशन: सदस्य की मृत्यु के बाद पत्नी के साथ-साथ दो बच्चों को भी (25 वर्ष की आयु पूरी होने तक) मासिक पेंशन का लाभ मिलता है। यह राशि विधवा पेंशन की 25% के बराबर होती है।

3. अनाथ बच्चों के लिए पेंशन: अगर सदस्य और उसकी पत्नी दोनों की मृत्यु हो जाती है, तो बच्चों को अनाथ पेंशन दी जाती है। यह राशि सामान्य बाल पेंशन से काफी अधिक (विधवा पेंशन की 75% तक) होती है।

4. नॉमिनी पेंशन: अगर सदस्य अविवाहित है या उसका कोई परिवार नहीं है, तो सदस्य द्वारा ई-नॉमिनेशन में फॉर्म 2 के जरिए तय किए गए नामांकित व्यक्ति को आजीवन पेंशन दी जाती है।

5. आश्रित माता-पिता को पेंशन: अगर मृत सदस्य का कोई परिवार, बच्चे या नॉमिनी नहीं है, तो उसके आश्रित माता-पिता (पहले मां और फिर पिता) को पेंशन का लाभ दिया जाता है।

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