RBI Monetary Policy Impacts: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति ने अपनी समीक्षा बैठक में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखने का निर्णय लिया है। वैश्विक अनिश्चितताओं, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और देश की मजबूत आर्थिक बुनियाद को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने अपना 'न्यूट्रल' रुख कायम रखा है।
आरबीआई के इस फैसले का आपकी जेब, होम लोन की किस्त, रियल एस्टेट और एफडी (FD) की ब्याज दरों पर क्या सीधा असर पड़ेगा, इसे 5 मुख्य पॉइंट्स में समझिए:
1- होम लोन EMI पर असर: नहीं बढ़ेगा आपकी मासिक किस्त का बोझ
रेपो रेट वह दर होती है जिस पर वाणिज्यिक बैंक रिजर्व बैंक से कर्ज लेते हैं। इसमें कोई बदलाव न होने से बैंकों की उधारी लागत स्थिर रहेगी। अगर आपने फ्लोटिंग रेट पर होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन लिया हुआ है, तो आपकी मासिक ईएमआई (EMI) में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। बैंक अपनी होम लोन की ब्याज दरों में तुरंत कोई इजाफा नहीं करेंगे, जिससे त्योहारी सीजन में नया घर या गाड़ी खरीदने का प्लान बना रहे ग्राहकों को बड़ी राहत मिलेगी।
2- फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर क्या होगा असर?
फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने वाले आम नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए वर्तमान समय काफी अनुकूल बना रहेगा। रेपो रेट स्थिर रहने के कारण बैंक अपनी जमा दरों में तुरंत कोई कटौती नहीं करेंगे।
सुरक्षित और तय रिटर्न चाहने वाले निवेशक इस समय उपलब्ध 6.8% से 7.5% तक की आकर्षक एफडी दरों का लाभ उठा सकते हैं। बाजार जानकारों के अनुसार, एफडी में लैडरिंग स्ट्रेटेजी अपनाना फायदेमंद रहेगा।
3- आर्थिक विकास दर का अनुमान बढ़ाकर किया 6.7%
रिजर्व बैंक ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर गहरा विश्वास जताते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी (GDP) ग्रोथ रेट का अनुमान 6.6% से बढ़ाकर 6.7% कर दिया है। दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद भारत की घरेलू मांग, प्राइवेट कंजम्पशन, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की रफ्तार काफी मजबूत बनी हुई है।
4- महंगाई दर 5.0% पर रहने का आकलन
केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2027 के लिए खुदरा महंगाई दर का अनुमान 5.0% पर बरकरार रखा है। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए आरबीआई महंगाई पर पूरी सतर्कता से नजर बनाए हुए है। हालांकि, कोर इंफ्लेशन नियंत्रण में बना हुआ है।
5- आरबीआई का 'न्यूट्रल' रुख: भविष्य में कटौती का रास्ता खुला
रिजर्व बैंक गवर्नर की अध्यक्षता वाली एमपीसी ने अपना रुख 'न्यूट्रल' रखा है।आरबीआई पूरी तरह से आंकड़ों पर आधारित फैसला ले रहा है। इसका सीधा अर्थ यह है कि अगर आने वाले महीनों में महंगाई में और नरमी आती है और वैश्विक माहौल अनुकूल होता है, तो भविष्य में रेपो रेट में कटौती का रास्ता पूरी तरह से खुला रहेगा।