EPFO: ज्यादातर एक्सपर्ट कहते हैं कि Provident Fund से पैसा तभी निकालना चाहिए, जब आप रिटायर हो जाएं। ऐसा करने से आपके पास रिटायरमेंट का बड़ा फंड होता है जिससे आप आराम से बिना किसी पर वित्तीय स्तर पर निर्भर हुए जीवन बिता सकते हैं। कई बार हालात ऐसे हो जाते हैं कि पैसा निकालना पड़ता है। क्या आपको पता है कि पीएफ से पैसा निकालने पर भी टैक्स देना होता है। आइए जानते हैं पीएफ से पैसा निकालने के ये नियम।
कब PF से पैसा निकालने पर लगता है टैक्स
अगर आप PF अकाउंट से 5 साल के बाद पैसा निकालने हो तो कोई भी टैक्स नहीं लगता है। अगर आप 5 साल से पहले पीएफ से पैसा निकाल रहेहैं तो तो इस पर टैक्स देना होता है। ये पैसा TDS की तरह काटा जाता है। इसमें भी अगर पीएफ अंशधारक का पैन कार्ड लिंक नहीं है तो 20 फीसदी TDS कटता है। अगर आपका पीएफ अकाउंट पैन से लिंक्ड नहीं है तो टीडीएस 10 फीसदी कटेगा।
अगर इस कारण से निकालते हैं पीएफ से पैसा तो नहीं लगेगा टैक्स
अगर कर्मचारी का स्वास्थय खराब होने के कारण नौकरी छोड़नी पड़ रही है और वह पीएफ का पैसा निकालता है तो टैक्स नहीं कटेगा। यदि आपकी कंपनी बंद हो जाए या आपका नियोक्ता बिजनेस बंद कर दे तो भी टैक्स नहीं लगता। अगर किसी अन्य कारण से भी नौकरी छोड़ दी दै है तो पीएफ से पैसा निकालने पर टैक्स नहीं लगेगा। कर्मचारी के नौकरी बदलने पर वह अपनी पिछली कंपनी के पीएफ खाते को नई कंपनी के पीएफ खाते के साथ मर्ज करता है तो टैक्स नहीं लगेगा।
कितना जमा होता है पीएफ में पैसा
इम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) एक्ट 1952 के तहत कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत हिस्सा पीएफ में जाता है। इतना ही पैसा आपकी कंपनी या नियोक्ता आपके पीएफ खाते में जमा करती है।अगर आपने 3 साल भी काम किया है और फिर आप कंपनी बदलते हैं तो पिछली कंपनी के पीएफ खाते तो नई कंपनी के पीएफ खाते के साथ मर्ज कर सकते हैं। ऐसा करने पर किसी भी तरह का टैक्स नहीं लगता है।