EPFO: EPFO में इस साल बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सरकार अब इसका दायरा बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (Pradhan Mantri Shram Yogi Maandhan- PM-SYM), ट्रेडर्स (Traders) और सेल्‍फ इम्‍प्‍लॉयड (Self Employed) के लिए नेशनल पेंशन स्‍कीम (National Pension Scheme) को EPFO के दायरे में लाने के लिए विचार कर रही है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो इस बारे में जल्द ही घोषणा की जा सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार इसमें बदलाव करने के लिए कई तरीके से विचार कर रही है। सरकार PM-SYM और NPS दोनों स्कीमों को EPFO के दायरे में लाने का विचार कर रही है। अभी इन दोनों स्कीमों का एडमिनिस्ट्रेशन LIC के पास है। अगर योजना के मुताबिक EPFO के दायरे में ले आया गया तो पीएम श्रम योगी मानधन योजना और नेशनल पेंशन स्‍कीम में निवेश करने वालों की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। अभी तक इन स्कीमों में बहुत कम लोगों ने निवेश किया है।

पीएम श्रम योगी मानधन योजना

बता दें कि पीएम श्रम योगी मानधन योजना को फरवरी 2019 में शुरू किया गया था। इस स्कीम के तहत 18 से 40 साल के असंगठित क्षेत्र में काम करने लोग हर महीने 55 रुपये से लेकर 200 रुपये तक जमा कर सकते हैं। जितना कंट्रीब्यूशन कर्ममचारी को होगा उतने पैसे केंद्र सरकार जमा करतीी है। 60 साल के बाद हर कर्मचारी को हर महीने कम से कम 3,000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी।

नेशनल पेंशन स्कीम

इसी तरह मोदी सरकार ने साल 2019 में ही ट्रेडर्स और खुद का बिजनेस करने वालों के लिए नेशनल पेंशन स्कीम लॉन्च की थी। इस स्‍कीम के तहत रिटेल कारोबारी, दुकानदार और अपना बिजनेस करने वाले लोग निवेश कर सकते हैं। 60 साल की उम्र पूरी होने पर उन्हें पेंशन मिलती है हालांकि इस स्‍कीम का हिस्‍सा वही व्‍यापारी बन सकते हैं जिनका सालाना टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये से ज्‍यादा नहीं है। इस स्कीम में अभी तक कितने लोग निवेश कर चुके हैं इसका कोई आंकड़ा नहीं है।


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