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EPS Pension Rules: EPFO का ₹25,000 वाला नियम लागू होने के बाद समझें अपनी पेंशन का पूरा हिसाब

EPS Pension New Rules: कर्मचारियों के लिए सरकार ने EPF और EPS की वेज सीलिंग को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया गया है। इस बड़े बदलाव के बाद जानिए ₹25,000 से अधिक वेतन पाने वालों के लिए पेंशन फंड में जुड़ना कितना जरूरी है? अगर आपकी सैलरी स्लिप से EPS का पैसा गायब है या गलत कट रहा है, तो शिकायत कहां दर्ज कराएं? अपनी पेंशन का सही हिसाब समझने के लिए पढ़िए यह रिपोर्ट

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Oct 06, 2026 पर 3:01 PM
EPS Pension Rules: EPFO का ₹25,000 वाला नियम लागू होने के बाद समझें अपनी पेंशन का पूरा हिसाब
इस बड़े बदलाव के बाद अब ₹25,000 तक की बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों के लिए EPF और EPS का हिस्सा बनना अनिवार्य हो गया है

EPS Pension Eligibility Rules: केंद्र सरकार ने बीते दिनों एंप्लाइज प्रॉविडेंट फंड (EPF) की वेज सीलिंग को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दिया। इस फैसले से देश के लाखों नौकरीपेशा लोगों की सोशल सिक्योरिटी और रिटायरमेंट फंड पर सीधा असर पड़ेगा।

इस नई सीमा के लागू होने के बाद, ₹25,000 प्रति माह (बेसिक पे + महंगाई भत्ता/DA) तक कमाने वाले कर्मचारियों को अब भविष्य निधि(EPF), कर्मचारी पेंशन योजना(EPS) और बीमा योजना(EDLI) के तहत अनिवार्य रूप से नामांकित किया जाएगा। इसमें नियोक्ता को कर्मचारी के EPS फंड में निर्धारित योगदान देना होगा।

EPS की सदस्यता कब अनिवार्य है और कब नहीं?

₹25,000 या उससे कम सैलरी वाले कर्मचारी: अगर आपकी मासिक सैलरी ₹25,000 या उससे कम है, तो आपके लिए EPS की सदस्यता पूरी तरह अनिवार्य है। आपकी कंपनी को नियमानुसार आपके पेंशन खाते में अंशदान जमा करना ही होगा।

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