Equity Funds Return: म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीमों ने मार्च तिमाही में निराश किया। एक साल पहले के मुकाबले उनके एनएवी में 12-14 फीसदी तक गिरावट दिखी। लार्जकैप फंड्स में करीब 13.7 फीसदी गिरावट आई। स्मॉलकैप में 13.1 फीसदी और फ्लेक्सीकैप फंड्स में 13.07 फीसदी गिरावट आई।
मार्च तिमाही में शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव
एक्सपर्ट्स का कहना है कि मार्च तिमाही में शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव दिखा। पहले अमेरिकी कंपनी एंथ्रोपिक के नए एआई टूल्स से आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट दिखी। उसके बाद फरवरी के अंत में मध्यपूर्व में लड़ाई शुरू होने से शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई।
बाजार के प्रमुख सूचकांकों के मुकाबले कम गिरावट
मार्च तिमाही में मिडकैप फंडों में 12.33 फीसदी गिरावट आई। मल्टीकैप में 12.8 फीसदी और लार्जकैप एंड मिडकैप फंड्स में 12.97 फीसदी गिरावट आई। हालांकि, बाजार के प्रमुख सूचकांकों से तुलना करने पर म्यूचुअल फंडों में कम गिरावट आई। मार्च तिमाही में लार्जकैप फंडों में 13.7 फीसदी गिरावट के मुकाबले Nifty 50 TRI करीब 14.4 फीसदी गिरा। मिडकैप फंडों का प्रदर्शन उनके इंडेक्स के मुकाबले थोड़ा बेहतर रहा।
बाजार में ज्यादातर गिरावट मार्च के महीने में आई
ज्यादातर गिरावट थोड़े समय में आई। ज्यादातर कैटेगरीज में सबसे ज्यादा गिरावट मार्च में आई। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई शुरू हुई थी। इससे क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आया। इसका बड़ा शेयर बाजारों पर पड़ा।
हाइब्रिड और डेट फंडों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर
हाइब्रिड और डेट फंडों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा। कंजरवेटिव हाइब्रिड फंडों में सिर्फ 3 फीसदी गिरावट आई। बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड्स करीब 6.5 फीसदी गिरे। एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स करीब 10 फीसदी गिरे। मार्च तिमाही में डेट फंडों में करीब 2.5 फीसदी गिरावट आई।
ज्यादातर इनवेस्टर्स ने अपना निवेश बनाए रखा
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट और निगेटिव रिटर्न के बावजूद इनवेस्टर्स ने मार्च तिमाही में अपना निवेश बनाए रखा। साथ ही इक्विटी म्यूचुअल फंडों के टोटल इनफ्लो में भी इजाफा देखने को मिला। इनफ्लो जनवरी में 24,028 करोड़ रुपये से बढ़कर फरवरी में 25,977 करोड़ रुपये रहा। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में बड़ी गिरावट के बावजूद निवेशकों ने घबराहट में म्यूचुअल फंड्स से अपने पैसे जयादा नहीं निकाले।
मिडकैप और स्मॉलकैप फंडों में निवेश में इजाफा
मिडकैप और स्मॉलकैप फंडों में निवेश बढ़ा। हालांकि, इस सेगमेंट में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। फ्लेक्सीकैप फंड्स में मार्च तिमाही में सबसे ज्यादा निवेश देखने को मिला। इससे यह संकेत मिलता है कि कई इनवेस्टर्स इसे अपने पोर्टफोलियो में खास जगह दे रहे हैं।