FASTag Scam Alert: फर्जी वेबसाइट और QR कोड से हो रही ठगी, NHAI ने जारी किया अलर्ट

FASTag Scam Alert: डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन सर्विसेज के बढ़ते दौर में साइबर ठग भी नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं। हाल ही में FASTag Annual Pass के नाम पर एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें लोगों को फर्जी वेबसाइट और QR कोड के जरिए ठगा जा रहा है।

अपडेटेड Feb 13, 2026 पर 2:43 PM
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कल्पना करें, आप हाईवे पर तेज गति से गाड़ी चला रहे हैं और अचानक फोन पर एक मैसेज आता है। इसमें लिखा है कि आपका FASTag खत्म होने वाला है, जल्दी QR कोड स्कैन करें या NHAI जैसी दिखने वाली साइट पर रिचार्ज करें। दिल्ली के सेल्समैन राहुल के साथ जनवरी 2026 में ऐसा ही हुआ। टोल प्लाजा पर उन्होंने कोड स्कैन किया, डिटेल्स डालीं और कुछ मिनटों में उनके बैंक से 5,000 रुपये उड़ गए। पूरे भारत में ऐसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जहां ठग FASTag की लोकप्रियता का फायदा उठा रहे हैं।

ठगी का तरीका

ठग NHAI के नाम से SMS या व्हाट्सएप भेजते हैं, जिसमें कम बैलेंस या KYC अपडेट का डर दिखाया जाता है। ये मैसेज नकली वेबसाइट या QR कोड पर ले जाते हैं, जहां FASTag ID, वाहन नंबर और OTP चुरा लिए जाते हैं। इस ठगी के पीछे एक पॉपुलर चाल है 'एनुअल FASTag पास' सस्ते दाम पर बेचना, UPI से पेमेंट लेना है। शिकार होने पर वॉलेट खाली हो जाता है और असली FASTag ब्लॉक या पहचान चोरी हो जाती है। NHAI के अनुसार, 2025 के अंत से मामले बढ़े हैं और नुकसान करोड़ों में हुआ है।


नकली साइट कैसे पहचानें

गाइडलाइन्स में यह कहा गया है कि URL को ध्यान से देखना जरूरी है। आधिकारिक NHAI nhai.gov.in है। फर्जी URL nhai-online.in या nhaitollpass.com के नाम से होते हैं। असली साइट टोल पर QR स्कैन या अनचाही डिटेल्स नहीं मांगती है। अजनबी QR को नजरअंदाज करना ही बेहतर है। ठग टोल बोर्ड पर फर्जी लिंक भी चिपका देते हैं। मुंबई की प्रिया ने आधिकारिक ऐप से चेक कर 3,000 रुपये बचाएं हैं।

सुरक्षा के आसान उपाय

- सिर्फ आधिकारिक चैनल इस्तेमाल करें: NHAI का Rajmargyatra ऐप, MyFASTag पोर्टल या बैंक का इस्तेमाल सही है।

- कॉल या मैसेज पर OTP, FASTag ID या वाहन डिटेल्स न दें। बैंक कभी भी यह डिटेल्स नहीं मांगते है।

- ऐप से SMS अलर्ट चालू रखें और बैलेंस चेक करते रहें।

- खतरे के संकेत: जल्दबाजी, अज्ञात लिंक या गूगल सर्च नंबर हो सकता है।

हालिया मामले

राजस्थान और अन्य राज्यों से ऐसे कई केस सामने आए हैं, जहां लोगों ने फर्जी वेबसाइट पर भुगतान किया और उनका पैसा गायब हो गया। पुलिस ने भी चेतावनी दी है कि इस तरह की ठगी से बचने के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

लोगों के लिए संदेश

यह घोटाला इस बात का सबूत है कि डिजिटल सुविधा के साथ-साथ डिजिटल खतरे भी बढ़ रहे हैं। आम नागरिकों को चाहिए कि वे किसी भी भुगतान से पहले वेबसाइट की प्रामाणिकता जांच लें। अगर कोई लिंक या QR कोड संदिग्ध लगे तो तुरंत उसे नज़रअंदाज़ करें। अगर आपके साथ ठगी होती है तो cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या NHAI हेल्पलाइन 1033 डायल कर शिकायत दर्ज कराएं। बैंक कार्ड ब्लॉक करवाएं और पुलिस FIR दर्ज कराएं। हजारों चालक अब सतर्कता से सुरक्षित सड़कें चला रहे।

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