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FD तोड़ने पर कितना नुकसान होता है? समझिए ब्याज और पेनल्टी का पूरा कैलकुलेशन

FD Premature Closure: FD बीच में तोड़ने पर सिर्फ पेनल्टी ही नहीं, ब्याज दर घटने का भी असर पड़ सकता है। ₹5 लाख की FD का उदाहरण समझिए, जहां 10 महीने बाद पैसा निकालने पर कितना नुकसान होता है और बैंक से क्या पूछना चाहिए।

Suneel Kumarअपडेटेड Sep 24, 2026 पर 3:05 PM
FD तोड़ने पर कितना नुकसान होता है? समझिए ब्याज और पेनल्टी का पूरा कैलकुलेशन
अगर आपको कुछ समय के लिए पैसों की जरूरत है, तो पूरी FD तोड़ना जरूरी नहीं है।

FD Premature Closure: FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट को सबसे सुरक्षित निवेशों में से एक माना जाता है। पैसा बैंक में जमा किया और तय समय तक ब्याज मिलता रहता है। लेकिन कई बार अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाती है। ऐसे में FD समय से पहले तोड़नी पड़ सकती है।

अब सवाल है कि FD बीच में तोड़ने पर कितना नुकसान होता है? इसका सीधा जवाब है कि आपको मिलने वाला ब्याज कम हो सकता है। इसके अलावा बैंक प्रीमैच्योर क्लोजर पर पेनल्टी भी लगा सकता है।

FD समय से पहले तोड़ने पर क्या होता है?

मान लीजिए आपने 2 साल के लिए FD कराई। बैंक ने इस पर 7% सालाना ब्याज दिया। लेकिन 10 महीने बाद ही आपको पैसों की जरूरत पड़ गई। ऐसे में बैंक जरूरी नहीं कि आपको पूरे 2 साल वाली 7% दर दे। बैंक उस अवधि की ब्याज दर देख सकता है, जितने समय तक आपकी FD चली है।

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