Fixed Deposit: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 8 फरवरी 2024 को केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसलों यानी रेपो रेट की घोषणा करेगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 8 फरवरी 2024 को केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसलों की घोषणा करेगा। केंद्रीय बैंक आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में काफी समय से बदलाव नहीं किया है। लेकिन अगर एक्सपर्ट का मानना है कि ऐसा रुख बहुत लंबे समय तक नहीं रहेगा। ऐसा मानना है कि इस बार आरबीआई रेपो रेट में कटौती कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो इसका सीधा असर FD रेट्स पर होगा। अगर रेपो रेट कम होता है तो ज्यादातर बैंक एफडी की ब्याज दरों को कम करेंगे।
क्या FD में निवेश करने का अच्छा समय खत्म हो रहा है?
ज्यादातर लोग खासकर सीनियर सिटीजन FD में पैसा निवेश करते हैं। इसका बड़ा कारण है कि FD पर पहले से ज्यादा रिटर्न मिल रहा है। अब अगर एक्सपर्ट की माने तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी का दौर अब खत्म होता दिखा रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या अब एफडी में निवेश करने का अच्छा समय आज ही है?
क्या आगे भी FD पर बढ़ेगा ब्याज
अभी तक निवेशकों को ज्यादा ब्याज का फायदा मिला है लेकिन अब अगर एक्सपर्ट की माने तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी का स्कोप कम है। आगे आरबीआई रेपो रेट में कटौती करता है तो एफडी पर रेट कम होंगे। अगर रेपो रेट बरकरार रहते हैं तो कुछ पीरियड की एफडी के रेट्स बैंक थोड़ा ऊपर-नीचे कर सकते हैं। सरकार ने छोटी बचत योजनाओं पर भी हाल में ब्याज बढ़ाया है। यह मौजूदा ब्याज दरों पर एफडी और स्मॉल सेविंग स्कीम में अपने पैसे को लॉक करने का एक अच्छा समय है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
एक्सपर्ट के मुताबिक लंबी अवधि में एफडी में निवेश करने का यह अच्छा समय है, लेकिन बहुत ज्यादा एफडी में निवेश न करें। अपने शॉर्ट-टर्म इमरजेंसी फंड को अपने बैंक FD में रखें और कॉरपोरेट एफडी में कुछ पैसा लगाएं। ज्यादा रिटर्न के लिए क्रेडिट रिस्क न लें और अपनी क्षमता के मुताबिक ही जोखिम उठाएं।