Festive Season Sale में खरीदारी से पहले ये बातें जान लें, फायदे में रहेंगे

किसी चीज को सिर्फ इसलिए खरीदना समझदारी नहीं है कि वह सस्ती मिल रही है। कई बार ऑनलाइन रिटेलर कुछ प्रोडक्ट्स पर 50-70 फीसदी तक डिस्काउंट ऑफर करते हैं। उसे खरीदने से पहले मॉडल की डिटेल पता कर लें

अपडेटेड Sep 26, 2022 पर 6:18 PM
नवरात्रि के पहले दिन से फेस्टिव सीजन की सेल शुरू हो गई है।

नवरात्रि के पहले दिन से फेस्टिव सीजन की सेल शुरू हो गई है। यह सेल ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के स्टोर पर चल रही है। Amazon, Flipkart, Jio Mart, Myntra जैसी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां ग्राहकों को अट्रैक्टिव डील, कैशबैक और डिस्काउंट सहित कई तरह के ऑफर दे रही हैं।

हर साल ई-कॉमर्स और ऑफलाइन की रिटेल चेंस मेगा सेल शुरू करती हैं। ग्राहक भी इस सेल का इंतजार करते हैं, क्योंकि इसमें उन्हें शानदार डिस्काउंट, कैशबैक और आसान ईएमआई स्कीम की सुविधा मिलती है। ग्राहक फेस्टिव सीजन में नई चीज खरीदना पंसद करते हैं। लेकिन, सेल में खरीदारी करने से पहले आपको कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

क्या आपको इस चीज की जरूरत है?

किसी चीज को सिर्फ इसलिए खरीदना समझदारी नहीं है कि वह सस्ती मिल रही है। उदाहरण के लिए आपको अपने पुराने लैपटॉप की जगह नया लैपटॉप खरीदना ठीक है, क्योंकि इससे आपकी प्रोडक्टविटी बढ़ सकती है। लेकिन, स्मार्टवॉच या नए जूते खरीदना फिजूलखर्ची मानी जाएगी। एनआरपी कैपिटल के फाउंडर और चार्टर्ड अकाउंटेंट ऋषभ पारेख ने कहा, "जरूरत और इच्छा के बीच आपको फर्क करना होगा। इसके बाद ही आपको फेस्टिव सेल में खरीदारी का फैसला करना चाहिए। अगर आप इस बारे में नहीं सोचेंगे तो आप ऐसी चीजें खरीद सकते हैं, जिनकी आपको जरूरत नहीं है।"


प्रोडक्ट बहुत पुराना तो नहीं है?

कई बार ऑनलाइन रिटेलर कुछ प्रोडक्ट्स पर 50-70 फीसदी तक डिस्काउंट ऑफर करते हैं। पारेख कहते हैं, "रिटेलर्स आम तौर पर ऐसे प्रोडक्ट्स पर बहुत ज्यादा डिस्काउंट देते हैं जिनका मॉडल बहुत पुराना हो चुका होता है या कंपनी उस प्रॉडक्ट के स्टॉक को खत्म करना चाहती है।" इसलिए बहुत ज्यादा डिस्काउंट देखकर किसी प्रोडक्ट को खरीदने से पहले उसके बारे में ठीक तरह से पता कर लें। ऐसा न हो कि उस प्रोडक्ट की सर्विस में आपको बाद में दिक्कत का सामना करना पड़े। कई बार ऐसे प्रोडक्ट्स भी बिक्री के लिए उपलब्ध होते हैं, जिनकी कंपनी पहले ही बंद हो चुकी होती है। ऐसे में उस प्रोडक्ट को खरीदना मुसीबत बन सकता है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन रेट को कंपेयर कर लें

अब ऑफलाइन रिटेलर्स भी ऑनलाइन रिटेलर्स को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। इसलिए ऑनलाइन रिटेलर से किसी चीज को खरीदने से पहले यह देख लें कि ऑफलाइन रिटेलर उस प्रोडक्ट को किस प्राइस पर ऑफर कर रहा है। कई बार हम ऑनलाइन साइट पर ज्यादा डिस्काउंट देखने के बाद खुशकर तुरंत उसे खरीद लेते हैं। बाद में पता चलता है कि ऑफलाइन स्टोर में वह प्रोडक्ट कम कीमत पर उपलब्ध है।

कर्ज लेकर शॉपिंग करने से बचें

फेस्टिव सीजन के दौरान Amazon, Flipkart जैसी ई-कॉमर्स कंपनियां कई तरह की लोन स्कीम ऑफर करती हैं। इनमें buy now pay later, no cost EMI, Emi on Debit cards शामिल हैं। याद रखें कि कोई चीज मुफ्त नहीं मिलती है। डेट स्कीम से कई तरह के चार्जेज जुड़े होते हैं। अगर आप किसी चीज को EMI पर खरीदने के बाद उसकी किस्त चुकाना भूल जाते हैं तो इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है। बाय नाउ पे लेटर में कई बार हम ऐसी चीज खरीद लेते हैं, जिसकी किस्त चुकाने में हमें दिक्कत आती है। इसलिए सिर्फ डेट स्कीम को देखकर खरीदारी का फैसला न लें।

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