Income Tax Return Filing: बहुत से लोग सोचते हैं कि इनकम टैक्स रिटर्न सिर्फ उन्हीं लोगों को फाइल करना चाहिए जिनकी इनकम टैक्स के दायरे में आती है या जिन्हें टैक्स चुकाना होता है। लेकिन यह एक अधूरी जानकारी है। टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आईटीआर दाखिल करना सिर्फ एक कानूनी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके कई ऐसे बड़े फायदे हैं जो सीधे आपकी जेब और भविष्य के वित्तीय फैसलों से जुड़े हैं।
अगर आपकी सालाना कमाई टैक्स लिमिट से कम भी है, तो भी आईटीआर भरने से आपको लोन मिलने में आसानी से लेकर वीजा अप्रूवल तक में बड़ी मदद मिलती है। आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि ITR फाइल करना आपके लिए क्यों फायदेमंद है और इसके 5 सबसे बड़े कारण क्या हैं।
1. टीडीएस का रिफंड पाने का एकमात्र रास्ता
अगर आपकी सैलरी, बैंक FD के ब्याज या किसी अन्य कमाई से सालभर में TDS काटा गया है, तो उसे वापस पाने का एकमात्र तरीका आईटीआर फाइल करना ही है। कई बार आपकी कुल सालाना कमाई पर वास्तविक टैक्स लायबिलिटी बहुत कम या शून्य होती है, लेकिन टैक्स पहले ही कट चुका होता है। जब तक आप अपना आईटीआर दाखिल नहीं करेंगे, तब तक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपका रिफंड प्रोसेस नहीं करेगा।
2. बिजनेस या शेयर बाजार के घाटे को आगे बढ़ाएं
अगर आपको इस साल शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी या अपने किसी बिजनेस में नुकसान हुआ है, तो समय पर ITR फाइल करके आप इस घाटे को अगले सालों के लिए कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि भविष्य में जब आपको प्रॉफिट होगा, तो उस मुनाफे में से इस पुराने घाटे को घटा दिया जाएगा, जिससे आपकी टैक्स देनदारी काफी कम हो जाएगी। ध्यान रहे, यह सुविधा तभी मिलती है जब आप ड्यू डेट से पहले आईटीआर भरते हैं।
3. लोन मिलना हो जाता है बेहद आसान
जब भी आप होम लोन, पर्सनल लोन, कार लोन या बिजनेस लोन के लिए किसी बैंक या वित्तीय संस्थान में जाते हैं, तो वे आपसे पिछले 2 से 3 सालों का आईटीआर मांगते हैं। सैलरीड क्लास के अलावा खासकर सेल्फ-एंप्लॉयड और फ्रीलांसरों के लिए आईटीआर ही उनके पक्के 'कमर्शियल इनकम प्रूफ' के रूप में काम करता है। एक मजबूत आईटीआर हिस्ट्री आपकी वित्तीय साख को बढ़ाती है और बैंक आपको आसानी से लोन दे देते हैं।
4. विदेश यात्रा के लिए वीजा अप्रूवल में मददगार
अगर आप पढ़ाई, बिजनेस या घूमने के सिलसिले में विदेश जाने का प्लान बना रहे हैं, तो वीजा एप्लीकेशन के साथ पिछले 2-3 साल का आईटीआर अटैच करना बेहद जरूरी होता है। अमेरिका, यूके, कनाडा और यूरोपीय देशों के दूतावास अक्सर आपके वित्तीय स्थायित्व को जांचने के लिए आईटीआर एक्नॉलेजमेंट मांगते हैं। नियमित रूप से आईटीआर दाखिल करने से आपके वीजा रिजेक्ट होने के चांस बहुत कम हो जाते हैं।
5. लेट फीस और भारी ब्याज से बचाव
तय समय सीमा के भीतर आईटीआर फाइल करने से आप बेवजह के जुर्माने और कानूनी पेचीदगियों से बच जाते हैं। अगर आप डेडलाइन मिस करते हैं, तो आपको ₹5000 तक की लेट फीस चुकानी पड़ सकती है। कम आय वालों के लिए यह अधिकतम ₹1000 है। इसके अलावा, यदि कोई टैक्स बकाया है, तो उस पर भारी ब्याज भी देना पड़ता है। समय पर फाइलिंग करके आप इन फालतू खर्चों से बच सकते हैं।