ITR Filing 2026: नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत! अब ITR-2 की जगह बेहद आसानी से भरें ITR-1, जानें ये नया नियम

ITR Filing 2026 Salaried Taxpayers: अब छोटे निवेशक और नौकरीपेशा लोग बिना किसी झंझट के आसान ITR-1 फॉर्म भरकर ही अपना टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं। हालांकि, कुछ शर्तें ऐसी भी हैं जिनकी वजह से कई लोग अभी भी इसका फायदा नहीं उठा पाएंगे

अपडेटेड Jul 02, 2026 पर 10:28 AM
इस साल ITR-1 के दायरे में एक बड़ा बदलाव किया गया है

ITR Filing 2026: असेसमेंट ईयर 2026-27 में सैलरीड टैक्सपेयर्स के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। अब तक जिन लोगों को म्यूचुअल फंड्स या शेयर बाजार से थोड़ा सा भी मुनाफा होता था, उन्हें मजबूरी में लंबा और पेचीदा 'ITR-2' फॉर्म भरना पड़ता था। लेकिन अब सरकार ने नियमों में बड़ा ढील देते हुए 'ITR-1' (सहज) का दायरा बढ़ा दिया है।

अब छोटे निवेशक और नौकरीपेशा लोग बिना किसी झंझट के आसान ITR-1 फॉर्म भरकर ही अपना टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं। हालांकि, कुछ शर्तें ऐसी भी हैं जिनकी वजह से कई लोग अभी भी इसका फायदा नहीं उठा पाएंगे।

क्यों मिली ITR-2 से मुक्ति?


पहले नियम यह था कि अगर आपकी कमाई पर ₹1 का भी कैपिटल गेन होता था, तो आप ITR-1 के लिए अयोग्य हो जाते थे। इस साल से सरकार ने नियम बदल दिया है। अगर आपको लिस्टेड शेयर्स या इक्विटी म्यूचुअल फंड्स से धारा 112A के तहत ₹1.25 लाख तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) हुआ है, तो भी आप ITR-1 फॉर्म भर सकते हैं। चूंकि ₹1.25 लाख तक का लॉन्ग टर्म प्रॉफिट वैसे भी टैक्स-फ्री होता है, इसलिए छोटे निवेशकों के लिए यह बदलाव सबसे बड़ी राहत बनकर आया है।

एक के बजाय दो घरों के मालिकों को भी राहत

इस साल ITR-1 के दायरे में एक और बड़ा बदलाव किया गया है। पहले सिर्फ एक ही हाउस प्रॉपर्टी वाले लोग यह फॉर्म भर सकते थे। लेकिन अब अगर आपके पास दो घर हैं जैसे- एक घर आपके होमटाउन में है और दूसरा उस शहर में जहां आप नौकरी करते हैं तो भी आप आराम से ITR-1 (सहज) चुन सकते हैं।

कौन से लोग अभी भी ITR-1 नहीं भर सकते?

राहत मिलने के बावजूद, टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर कोई इस बदलाव का फायदा नहीं ले पाएगा। अगर आपके पोर्टफोलियो या प्रोफाइल में नीचे दी गई चीजें शामिल हैं, तो आपको अभी भी ITR-2 ही भरना होगा:

शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (STCG): अगर आपने साल भर के अंदर शेयर्स या म्यूचुअल फंड्स बेचकर मुनाफा कमाया है।

₹1.25 लाख से ज्यादा का मुनाफा: अगर आपका लॉन्ग-टर्म प्रॉफिट ₹1.25 लाख की सीमा को पार कर जाता है।

नुकसान को आगे बढ़ाना: अगर आपको बाजार में घाटा हुआ है और आप उसे अगले सालों के लिए कैरी फॉरवर्ड करना चाहते हैं।

अन्य संपत्तियां: अगर आपने घर, जमीन या गोल्ड बेचकर कैपिटल गेन कमाया है।

₹50 लाख से ज्यादा इनकम: अगर आपकी कुल सालाना कमाई ₹50 लाख से ऊपर है।

अन्य कारण: अगर आप किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं, आपके पास अनलिस्टेड शेयर हैं, या आपकी कोई विदेशी इनकम/प्रॉपर्टी है।

Expert View: 'साउथ कोरिया अब अगला चांदी बन रहा है...' एडलवाइस MF की राधिका गुप्ता की निवेशकों को बड़ी चेतावनी!

अगर आप एक सैलरीड क्लास इन्वेस्टर हैं और बीते सालों में सिर्फ मामूली म्यूचुअल फंड्स या शेयर बेचने की वजह से ITR-2 भरते आ रहे थे, तो इस बार अपना प्रॉफिट कैलकुलेशन जरूर चेक करें। अगर यह ₹1.25 लाख के अंदर है, तो इस साल आपका काम बेहद आसान ITR-1 फॉर्म से ही चल जाएगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।