इंश्योरेंस इंडस्ट्री (Insurance Industry) में दो प्रस्तावों पर काफी चर्चा हो रही है। पहला प्रस्ताव बीमा नियामक का है, जो पॉलिसी के सरेंडर चार्च से जुड़ा है। दूसरा, स्टैंडएलोन हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों की पॉलिसी की प्राइसिंग से जुड़ा है। हालांकि, दोनों प्रस्ताव ग्राहकों के हित में हैं, लेकिन इनको लेकर राय बंटी हुई है। मनीकंट्रोल ने इस बारे में GoDigit Group of Insurance Companies के चेयरमैन कमलेश गोयल से बात की। मनीकंट्रोल से एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने दोनों प्रस्तावों को ग्राहकों के हितों के खिलाफ बताया। उनका यह रुख इंश्योरेंस इंडस्ट्री के रुख से अलग है। उन्होंने हेल्थ पॉलिसी की क्लेम-आधारित प्राइसिंग के प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी देश में नियामक क्लेम आधारित प्राइसिंग की इजाजत नहीं दे सकता।
