Gold Buying: सोने की हो रही बंपर खरीदारी! पीएम मोदी की अपील बेअसर, चौंका देंगे इस रिपोर्ट के आंकड़े

Gold Demand India: बीते कुछ दिनों में पीएम मोदी ने दो बार देशवासियों से जरूरत न होने पर सोना न खरीदने की अपील की है। सरकार ने गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 15% कर दिया। इसके बावजूद भारतीयों का सोने के प्रति आकर्षण कम नहीं हुआ है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक जून तिमाही में भारत में ज्वैलरी बिक्री $21 अरब तक पहुंच गई। जानिए आखिर सोने की बढ़ती मांग की क्या है वजह?

अपडेटेड Sep 07, 2026 पर 3:18 PM
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डिमांड को कम करने के लिए सरकार ने गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ाकर 15% कर दिया था

Gold Sales & PM Modi Appeal: भारत में सोने के प्रति लोगों की दीवानगी को कम करना मोदी सरकार के लिए बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील और सरकार द्वारा सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 15% किए जाने के बावजूद भारतीय ग्राहकों का सोने के प्रति आकर्षण जरा भी कम नहीं हुआ है।

देश के सबसे बड़े ज्वैलरी रिटेलर और टाटा ग्रुप की कंपनी टाइटन के हालिया नतीजों और मांग के आंकड़ों से यह साफ जाहिर होता है। आइए आपको बताते हैं कि फाइनेंशियल टाइम्स की इस रिपोर्ट में और क्या-क्या बड़े खुलासे हुए हैं।

टाइटन का मुनाफा 63% बढ़ा: ग्राहकों की भीड़ में इजाफा


रिपोर्ट के हालिया तिमाही में टाइटन का मुनाफा 63% बढ़ गया है। स्टोर्स में ग्राहकों की आवक में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। मैनेजिंग डायरेक्टर अजय चावला के अनुसार,'"ग्राहकों का सोने और ज्वैलरी के प्रति प्यार खत्म नहीं होने वाला। वे इसे केवल गहने के तौर पर नहीं, बल्कि एक सुरक्षित एसेट और मजबूत पोर्टफोलियो निवेश के रूप में देखते हैं।'

सरकार ने क्यों की थी सोने की खरीद टालने की अपील?

कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल और मध्य पूर्व में तनाव के कारण भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बन रहा था और रुपया कमजोर हो रहा था। रुपये को सहारा देने और आयात का बिल घटाने के लिए केंद्र सरकार ने मई में सोने पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15% कर दिया था। इसके साथ ही, पीएम मोदी ने आम जनता से अपील की थी कि वे कम से कम एक साल के लिए, जब तक बहुत जरूरी न हो, सोने की खरीद टाल दें।

हालांकि, वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, जून तिमाही में भारत में गोल्ड ज्वैलरी की बिक्री सालाना आधार पर एक-तिहाई बढ़कर $21 अरब (लगभग ₹1.75 लाख करोड़) पर पहुंच गई। त्यौहारों और शादी-ब्याह के सीजन के चलते यह अपील बेअसर साबित हुई।

'शेयर बाजार में निवेश करने वाले भी खरीद रहे हैं सोना'

टाइटन के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) अशोक सोंथालिया ने बताया कि भारत में भले ही मध्यवर्गीय परिवार अब शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड्स में तेजी से पैसे लगा रहे हैं, फिर भी सोने का महत्व कम नहीं हुआ है।

'चाहे कोई कितना भी वित्तीय रूप से समझदार क्यों न हो, वह अपने पोर्टफोलियो में सोने को जरूर शामिल करेगा।' इसी का नतीजा है कि भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 में गिरावट के बावजूद इस साल टाइटन के शेयरों में लगभग 25% की बढ़त देखने को मिली है।

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