दिल्ली सर्राफा बाजार में 24 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। सोना 2000 रुपये गिरकर 1,47,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी 5000 रुपये गिरकर 2,24,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। सोने में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई। इसकी वजह मुनाफावसूली बताई जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुलियन मे तेजी
ट्रेडर्स ने कहा कि बुलियन की कीमतों पर कमजोर सेंटिमेंट का भी असर पड़ा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड में हल्की तेजी दिखी। इससे भाव बढ़कर 4,063 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। चांदी भी 2 फीसदी के उछाल के साथ 58.59 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इसकी वजह ब्रेंट क्रूड की कीमतों गिरावट है। 23 जुलाई को ब्रेंट क्रूड का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया था। 24 जुलाई को इसमें गिरावट दिखी।
क्रूड में नरमी से विदेश में बुलियन में तेजी
मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के हेड प्रवीण सिंह ने कहा, "ब्रेंट क्रूड में गिरावट की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड में हल्की तेजी दिखी। ब्रेंट क्रूड करीह 4 फीसदी गिरा। इससे पहले पांच दिन में यह 12 फसदी चढ़ा था।" उन्होंने कहा कि अमेरिका का ईरान पर हमला जारी है। उसने लगातार 14वें रात ईरान पर हमले किए।
क्रूड में तेजी थमी तो सोने-चांदी में आएगी तेजी
कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की एवीबी कायनात चेनवाला ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 1 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 58 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। उन्होंने कहा कि अगर क्रूड की कीमतों में तेजी पर ब्रेक लगता है और अमेरिकी में बॉन्ड यील्ड में गिरावट आती है तो सोने और चांदी में तेजी दिख सकती है। सोना 4,100 डॉलर प्रति औंस और चांदी 60 डॉलर प्रति औंस पर जा सकती है।
शेयर बाजारों में लगातार पांचवें दिन गिरावट
मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने का असर शेयर बाजारों पर भी पड़ा है। इस हफ्ते घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में लगातार पांचवें दिन गिरावट आई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर क्रूड की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो इससे महंगाई बढ़ने का खतरा होगा। महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकती है। इसका सोने की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ेगा।