महिलाएं बिना हॉलमार्क के नहीं बेच सकती पुरानी गोल्ड ज्वैलरी, वरना लगेगा जुर्माना, सरकार ने बदल दिये हैं नियम

Gold Hallmark Update: सरकार ने हाल ही में गोल्ड ज्वैलरी की बिक्री को लेकर नए नियम बनाए हैं। ये नियम सोने की वस्तुओं और गहनों की सेल में अधिक पारदर्शिता लाने के लिए बनाए गए हैं। साथ ही ये भी तय किया जाएगा कि ग्राहकों के साथ धोखा न हो

अपडेटेड Jun 14, 2023 पर 7:06 PM
सरकारी नियमों के मुताबिक बिना हॉलमार्क वाले सोने के गहने नहीं बेचे जा सकते।

Gold Hallmark Update: सरकार ने हाल ही में गोल्ड ज्वैलरी की बिक्री को लेकर नए नियम बनाए हैं। ये नियम सोने की वस्तुओं और गहनों की सेल में अधिक पारदर्शिता लाने के लिए बनाए गए हैं। साथ ही ये भी तय किया जाएगा कि ग्राहकों के साथ धोखा न हो। इस साल 1 अप्रैल से सभी सोने के गहनों पर हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) नंबर होना जरूरी है। यदि आपके पास पुराने सोने के गहने हैं और आप इसे बदलना या बेचना चाहते हैं, तो आपको इसे हॉलमार्क अवश्य करवाना होगा। सोने की सेल और खरीद से जुड़े नियम अब बदल गए हैं।

गोल्ड पीस को मिलेगी यूनीक पहचान

सोने के टुकड़े पर एक हॉलमार्क विशिष्ट पहचान नंबर देता है। यह यह भी तये करता है कि सोने के गहने या वस्तु में जितना वादा किया गया है, उतनी शुद्धता में गोल्ड है। सोने की वस्तुओं पर शुद्धता का निशान होना चाहिए। उदाहरण के लिए 22-कैरेट और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का लोगो होना जरूरी है।


ये हैं नए नियम

सरकारी नियमों के मुताबिक बिना हॉलमार्क वाले सोने के गहने नहीं बेचे जा सकते। यदि आपके पास एक्सचेंज या बेचने के लिए बिना हॉलमार्क वाले पुराने सोने के गहने हैं, तो आपको इसे एचयूआईडी के साथ हॉलमार्क करना होगा। ध्यान दें कि यदि आपकी ज्वेलरी पर पहले से ही पुराने/पुराने हॉलमार्क के साथा है, तो आपको हॉलमार्किंग प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं है। इस मामले मेंएचयूआईडी के बिना सोना स्वीकार किया जा सकता है।

सरकार ने बना दिये हैं नए नियम

इसके अलावा दो ग्राम से कम सोना, अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों के लिए गहने, विदेशी खरीदार की खास डिमांड के लिए बनाए निर्यात के लिए कोई भी वस्तु और फाउंटेन पेन, घड़ियां या विशेष प्रकार के आभूषणों को हॉलमार्किंग से छूट दी गई है।

यहां करा सकते हैं हॉलमार्किंग

ग्राहक किसी भी बीआईएस-मान्यता प्राप्त हॉलमार्किंग केंद्र से आभूषणों की जांच करवा सकते हैं। एक पीस के लिए 45 रुपये और 5 पीस के लिए 200 रुपये देने होंगे। आप बीआईएस में पंजीकृत जौहरी से उनके आभूषणों की हॉलमार्किंग भी करवा सकते हैं। जौहरी आइटम को प्रोसेसिंग के लिए BIS एसेइंग एंड हॉलमार्किंग सेंटर ले जाता है। सोने का हॉलमार्क नहीं लेने वाले ज्वैलर्स को एक साल की जेल, सोने के आभूषणों की कीमत का पांच गुना जुर्माना या दोनों हो सकता है।

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