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Gold Hallmarking: 1 अप्रैल से गोल्ड हालमार्किंग होगी अनिवार्य, जानें क्या ग्राहक बेच पाएंगे अपनी पुरानी ज्वैलरी?

Gold Hallmarking: 1 अप्रैल से गोल्ड ज्वैलरी पर हॉलमार्किंग अनिवार्य हो गई है। सरकार ने कहा है कि 31 मार्च के बाद बेचे जाने वाले सभी सोने के ज्वैलरी और अन्य सामान पर हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर (HUID) होना चाहिए। सरकार के इस कदम का उद्देश्य क्वालिटी स्टैंडर्ड को तय करना है। साथ ही भारतीय ज्वैलरी बाजार को ग्लोबल स्टैंडर्ड के मुताबिक बनाना है

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 17, 2023 पर 5:24 PM
Gold Hallmarking: 1 अप्रैल से गोल्ड हालमार्किंग होगी अनिवार्य, जानें क्या ग्राहक बेच पाएंगे अपनी पुरानी ज्वैलरी?
Gold Hallmarking: 1 अप्रैल 2023 से गोल्ड ज्वैलरी पर हॉलमार्किंग अनिवार्य हो जाएगी।

Gold Hallmarking: 1 अप्रैल 2023 से गोल्ड ज्वैलरी पर हॉलमार्किंग अनिवार्य हो जाएगी। सरकार ने कहा है कि 31 मार्च के बाद बेचे जाने वाले सभी सोने के ज्वैलरी और अन्य सामान पर हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर (HUID) होना चाहिए। सरकार के इस कदम का उद्देश्य क्वालिटी स्टैंडर्ड को तय करना है। साथ ही भारतीय ज्वैलरी बाजार को ग्लोबल स्टैंडर्ड के मुताबिक बनाना है। सरकार के हालमार्किंग अनिवार्य करने से ज्वैलर बिना हालमार्क के ज्वैलरी नहीं बेच पाएंगे। सरकार के इस कदम से बड़ा सवाल है कि क्या बिना हॉलमार्क वाली पुरानी ज्वैलरी ग्राहक ज्वैलर्स को बेच पाएंगे?

बिना हॉलमार्क की ज्वैलरी नहीं बेच पाएंगे ज्वैलर्स

इसका मतलब है कि नए वित्तीय वर्ष से बिना HUID नंबर वाले यानी बिना हॉलमार्किंग की ज्वैलरी नहीं बिक पाएगी। हॉलमार्किंग से जुडे 4 निशान ज्वैलरी पर बने होते हैं। ज्वैलर्स बिना हॉलमार्क वाली ज्वैलरी नहीं बेच पाएंगे। चार निशान में BIS का लोगो, प्योरिटी, ज्वैलर का लोन और हॉलमार्किंग सेंटर का नंबर होता है। अभी तक पुराने हॉलमार्क ज्वैलरी बिना HUID के बेचने की इजाजत थी। अब इसमें 6 डिजिट के HUID मार्क का होना भी जरूरी है।

गोल्ड हॉलमार्किंग

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