Gold Price Down Budget Day: बजट भाषण शुरू होने से पहले सोना धड़ाम, जानिए आपको क्या करना चाहिए?

Gold Price Down Budget Day: एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों को अपने एसेट ऐलोकेशन का ध्यान रखना चाहिए। जिन निवेशकों के पोर्टफोलियो में गोल्ड की हिस्सेदारी 5-10 फीसदी से कम है, वे गोल्ड में गिरावट के मौके का इस्तेमाल खरीदारी के लिए कर सकते हैं। इनवेस्टर के पोर्टफोलियो में गोल्ड की हिस्सेदारी 5-10 फीसदी तक होनी चाहिए

अपडेटेड Feb 01, 2026 पर 10:27 AM
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30 जनवरी और 1 फरवरी की गिरावट ने सोने को बड़ी चोट पहुंचाई है। दो दिन में यह करीब 19 फीसदी गिर चुका है।

गोल्ड में 1 फरवरी को बड़ी गिरावट देखने को मिली। 30 जनवरी को भी गोल्ड में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। लगातार दो दिन की गिरावट ने गोल्ड के निवेशकों को डरा दिया है। सुबह 10 बजे एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स 9,653 रुपये यानी 6.45 फीसदी गिरकर 1,40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिकी डॉलर में मजबूती का असर गोल्ड पर दिख रहा है।

दो सत्रों में 18 फीसदी से ज्यादा गिरा सोना

30 जनवरी और 1 फरवरी की गिरावट ने सोने को बड़ी चोट पहुंचाई है। दो दिन में यह करीब 19 फीसदी गिर चुका है। इसका असर गोल्ड ईटीएफ पर भी पड़ा है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड के निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है। गोल्ड का आउटलुक पॉजिटिव है।


अमेरिकी फेड के नए चेयरमैन के ऐलान का असर

चॉइस वेल्थ के सीईओ निकुंज सर्राफ का मानना है कि सोने में गिरावट कोई रहस्य नहीं है। उन्होंने कहा कि 29 जनवरी को एमसीएक्स में कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच जाने के बाद प्रॉफिट बुकिंग की उम्मीद की जा रही थी। उन्होंने कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन के नाम का ऐलान कर दिया है। यह माना जा रहा है कि अमेरिका में मॉनेटरी पॉलिसी सख्त हो सकती है। इससे अमेरिकी डॉलर में मजबूती आ रही है। इसका असर मेटल्स की कीमतों पर पड़ रहा है।" उन्होंने निवेशकों को घबराहट में बिकवाली नहीं करने की सलाह दी।

इनवेस्टर्स को क्या करना चाहिए?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों को अपने एसेट ऐलोकेशन का ध्यान रखना चाहिए। जिन निवेशकों के पोर्टफोलियो में गोल्ड की हिस्सेदारी 5-10 फीसदी से कम है, वे गोल्ड में गिरावट के मौके का इस्तेमाल खरीदारी के लिए कर सकते हैं। इनवेस्टर के पोर्टफोलियो में गोल्ड की हिस्सेदारी 5-10 फीसदी तक होनी चाहिए। इससे पोर्टफोलियो के डायवर्सिफिकेशन में मदद मिलती है।

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गोल्ड में ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं

गोल्ड की कीमतों में गिरावट जारी रहने की कोई वजह नहीं दिखती। जियोपॉलिटिकल टेंशन बना हुआ है। ट्रंप का टैरिफ को लेकर अब भी नरम नहीं हुआ है। ईरान और अमेरिकी के बीच तनाव घटने की जगह बढ़ा है। उधर, रूस और यूक्रेन की लड़ाई ख्तम होने के भी ठोस संकेत नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में सुरक्षित निवेश के लिए सोने की अपील जारी रह सकती है। हालिया गिरावट टाइम करेक्शन है। किसी एसेट की कीमत शॉर्ट टाइम में बहुत ज्यादा चढ़ जाने के बाद उसमें गिरावट स्वाभाविक है।

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