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Gold Price Outlook: क्यों बढ़ रही है सोने की कीमतें, एक्सपर्ट्स से जानें आगे कहां तक जा सकते है भाव

Gold Price Outlook: सोने की कीमतों में तेज़ी US डॉलर के कमज़ोर होने के साथ भी हुई है। डॉलर इंडेक्स लगभग तीन महीने के निचले स्तर पर आ गया है, जिससे दूसरी करेंसी रखने वालों के लिए सोना ज़्यादा आकर्षक हो गया है और कीमतों को और बढ़ावा मिला है

Curated By: Sujata Yadavअपडेटेड Aug 25, 2026 पर 11:16 AM
Gold Price Outlook: क्यों बढ़ रही है सोने की कीमतें, एक्सपर्ट्स से जानें आगे कहां तक जा सकते है भाव
मार्केट के जानकारों का कहना है कि यह तेज़ी अगस्त में भी जारी रही है, क्योंकि निवेशक फिस्कल डेफिसिट (राजकोषीय घाटे), करेंसी की स्थिरता और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच इस कीमती धातु में अपना निवेश बढ़ा रहे हैं।

Gold Price Today: 17 जुलाई के बाद से सोने की ग्लोबल कीमत में 17% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है। मार्केट के जानकारों का कहना है कि इस तेज़ी की एक बड़ी वजह "डिबेसमेंट ट्रेड" (debasement trade) पर फिर से ध्यान देना है। निवेशक बढ़ते सरकारी कर्ज़ और लिक्विडिटी इंजेक्शन (बाज़ार में नकदी डालने) के लंबे समय के असर से बचने के लिए ऐसा कर रहे हैं।

डिबेसमेंट ट्रेड क्या है?

इसकी एक मुख्य वजह US बॉन्ड मार्केट में ज़्यादा दखलंदाज़ी है। US ट्रेज़री ने लिक्विडिटी-सपोर्ट बॉन्ड बायबैक ऑपरेशन बढ़ा दिए हैं। इस कदम से मार्केट का कामकाज तो आसान हुआ है, लेकिन ट्रेज़री यील्ड (बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न) पर दबाव भी बढ़ा है। आम तौर पर, कम यील्ड होने पर बिना ब्याज वाले एसेट, जैसे सोना, ज़्यादा आकर्षक हो जाते हैं।

बाज़ार में तेज़ी के माहौल के बीच, US ट्रेज़री सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने लंबी अवधि की फिस्कल स्ट्रैटेजी (राजकोषीय रणनीति) की योजना का संकेत दिया है। इससे निवेशक सरकारी कर्ज़ और खर्च के ट्रेंड पर बारीकी से नज़र रखने लगे हैं। US का राष्ट्रीय कर्ज़ $40 ट्रिलियन के आंकड़े के करीब पहुंचने के साथ ही फिस्कल सस्टेनेबिलिटी (राजकोषीय स्थिरता) को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

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