Gold & Silver Price Outlook: ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में आने वाले समय में बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। मेटल रिसर्च एजेंसी 'मेटल्स फोकस' के सीनियर कंसलटेंट हर्षल बरोट के अनुसार, साल 2026 के अंत तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,800 से $5,000 प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकता है।
बाजार में सोने के लिए $4,000 प्रति औंस का स्तर एक मजबूत सपोर्ट बना हुआ है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर नरम रुख और भारत में आगामी त्यौहारी व वैवाहिक सीजन की भारी मांग से सर्राफा बाजार को मजबूत सहारा मिल रहा है।
फेडरल रिजर्व का नरम रुख और कमजोर अमेरिकी आंकड़े
अमेरिका में रोजगार के कमजोर आंकड़ों और करेंसी व बॉन्ड मार्केट में देखी जा रही उथल-पुथल के बाद अब निवेशक यह मानने लगे हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आक्रामक तरीके से ब्याज दरें बढ़ाने की स्थिति में नहीं है। अगर अमेरिकी फेड इस साल एक बार ब्याज दरें बढ़ाता भी है, तो इसे सख्त मौद्रिक नीति के नए दौर की शुरुआत नहीं माना जाएगा।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा मैक्रो-इकोनॉमिक माहौल सोने के पक्ष में है। $4,500 प्रति औंस के आसपास कुछ रुकावट देखने को मिल सकती है, लेकिन सोने का ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव ही बना रहेगा।
भारत में त्यौहारों और शादियों की सीजनल डिमांड का सपोर्ट
सोने की रिकॉर्ड कीमतों के कारण भले ही गहनों की कुल बिक्री की मात्रा पर असर पड़ा हो, लेकिन भारतीय रिटेलर्स और मैन्युफैक्चरर्स के सेंटिमेंट में काफी सुधार आया है।
हाल ही में आयोजित हुए ज्वेलरी इंडस्ट्री इवेंट्स में मैन्युफैक्चरर्स को मिले ऑर्डर्स पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा रहे हैं। कुछ कारोबारियों ने इसे कोविड महामारी के बाद की सबसे मजबूत मांग बताया है।
चालू कैलेंडर वर्ष की शुरुआती दो तिमाहियों में मांग सुस्त थी। हालांकि, कीमतें स्थिर होने के साथ ही उपभोक्ता फिर से बाजार का रुख कर रहे हैं, जिससे साल के दूसरे हिस्से में इंपोर्ट और खरीदारी दोनों में बड़ी रिकवरी की उम्मीद है।
चांदी भी दिखाएगी तेजी: $85–90 तक जाने का अनुमान
सोने के साथ-साथ चांदी में भी अपट्रेंड जारी रहने की संभावना है। मेटल्स फोकस का अनुमान है कि लंबी अवधि में चांदी $85 से $90 प्रति औंस का स्तर छू सकती है। हालांकि, छोटी अवधि में यह सोने की तुलना में थोड़ा सुस्त प्रदर्शन कर सकती है।
चांदी की सप्लाई और इंपोर्ट कोटा बनी बड़ी चुनौती
भारतीय व्यापारियों के लिए उपलब्ध चांदी का इंपोर्ट कोटा सामान्य सीजनल मांग से कम है, जिससे घरेलू बाजार में धातु की उपलब्धता सीमित हो सकती है। जुलाई में सप्लाई बाधाओं के कारण चांदी पर प्रीमियम बढ़कर $6.50 प्रति औंस तक पहुंच गया था, जो फिलहाल घटकर $2.50 के आसपास है। अगर इंपोर्ट में अड़चन बनी रहती है, तो यह चांदी की कीमतों की तेजी को सीमित रख सकता है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।