Gold Price Prediction: घरेलू और वैश्विक बाजार में गुरुवार को सोने की कीमतों में एक बार फिर रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली। हालिया सत्रों में पीली धातु में 4% से अधिक का जोरदार उछाल आया है, जिससे इसके दाम दो महीने के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के बाद सर्राफा बाजार में यह बड़ी तेजी दर्ज की गई है।
एशियाई कारोबार की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड $4,500 प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। वहीं, भारतीय वायदा बाजार (MCX) में सोना तेजी के साथ ₹1,58,008 प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड करता दिखा।
क्यों आई सोने में अचानक इतनी बड़ी तेजी?
सोने की कीमतों में अचानक आए इस बड़े उछाल के पीछे अमेरिका का एक बड़ा फैसला है। अमेरिकी वित्त विभाग ने लंबी अवधि (10 से 30 साल) वाले बॉन्ड बाजार को अतिरिक्त लिक्विडिटी सहायता देने के लिए बायबैक ऑपरेशंस का दायरा दोगुना करने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई और अमेरिकी डॉलर कमजोर हो गया।
चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत डॉलर में तय होती है, इसलिए डॉलर के कमजोर होने और बॉन्ड यील्ड गिरने से बिना ब्याज देने वाले एसेट जैसे सोने की मांग अचानक बढ़ गई।
MCX Gold Target: एक्सपर्ट्स से जानिए अब कहां तक जाएंगे दाम
कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक तकनीकी सपोर्ट लेवल कायम हैं, तब तक सोने में यह तेजी जारी रहेगी।
चॉइस ब्रोकिंग के एक्सपर्ट आमिर माकडा के अनुसार, 'तकनीकी चार्ट पर MCX गोल्ड अपने 20, 50 और 100 दिनों के मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है, जो शॉर्ट-टर्म में तेजी का संकेत देता है। इमीडिएट रेजिस्टेंस ₹1,59,250 प्रति 10 ग्राम पर है। अगर यह इस स्तर को पार करता है, तो अगला टारगेट ₹1,60,000 होगा।
ऑगमेंट की चीफ रिसर्च ऑफिसर रेनिशा चैनानी ने कहा कि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने अपनी पुरानी रेंज ($4,340-$4,440) को तोड़ दिया है और $4,500 का टारगेट हासिल कर लिया है। अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अगला लक्ष्य $4,600 है, जो भारतीय बाजार (MCX) में करीब ₹1,62,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर के बराबर बैठता है।
तेजी के बीच ये है एक बड़ा रिस्क
सोने में तेजी के बीच निवेशकों को अमेरिकी केंद्रीय बैंक (US Fed) के रुख पर ध्यान देने की जरूरत है। यूएस फेड की जुलाई बैठक के मिनट्स से साफ हुआ है कि नीति निर्माता अभी भी महंगाई को लेकर चिंतित हैं।
अगर अमेरिका में महंगाई दर 2% के लक्ष्य तक नहीं आती है, तो फेड ब्याज दरों में फिर से बढ़ोतरी कर सकता है। अगर आने वाले दिनों में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो डॉलर और बॉन्ड यील्ड में रिकवरी आ सकती है, जो सोने की इस रफ्तार पर ब्रेक लगा सकती है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।