गोल्ड में तूफानी तेजी 11 अप्रैल को भी जारी रही। सोने ने ऊंचाई के नए रिकॉर्ड बनाए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 3,200 डॉलर प्रति औंस के पार चला गया। इंडिया में गोल्ड फ्यूचर्स पहली बार 93,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर निकल गया। इसकी वजह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बढ़ती अनिश्चितता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना टैरिफ 90 दिनों के लिए टाल दिया है। लेकिन, चीन को लेकर उनका रुख लगातार सख्त बना हुआ है। उन्होंने चीन पर 145 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। उन्होंने 90 दिनों के टैरिफ टालने का जो फैसला लिया है, चीन उसके दायरे से बाहर है। इससे दुनिया की दो आर्थिक महाशक्तियों के बीच टकराव बढ़ता दिख रहा है।
देश और विदेश में 2 फीसदी उछला सोना
अंतरराष्ट्रीय बाजार में Gold 11 अप्रैल को 1.3 फीसदी के उछाल के साथ 3,216.48 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। एक समय भाव 3,219.73 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था। पहले कभी सोना इस ऊंचाई तक नहीं गया था। US Gold Futures में भी तेजी दिखी। यह 1.9 फीसदी की तेजी के साथ 3,236 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। इधर, इंडिया में कमोडिटी एक्सचेंज MCX में भी सोने ने तेजी का नया रिकॉर्ड बना दिया। गोल्ड फ्यूचर्स 1,567 रुपये यानी 1.7 फीसदी के उछाल के साथ 93,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। एशियाई बाजारों में भी गोल्ड में जबर्दस्त तेजी देखने को मिली। मनीकंट्रोल ने 10 अप्रैल को अपनी खबर में कहा था कि सोने में तेजी जारी रहेगी।
स्टॉक्स, बॉन्ड्स से पैसा निकल गोल्ड में जा रहा
फाइनेंशियल कंटेंट उपलब्ध कराने वाली कंपनी Tastylive के Ilya Spivak ने कहा, "अभी गोल्ड में तेजी की असल वजह अमेरिकी डॉलर में जारी कमजोरी है। इससे पता चलता है कि अमेरिकी एसेट्स से पैसा निकलकर दूसरे एसेट्स में जा रहा है। टैरिफ पॉलिसी में अनिश्चितता की वजह से स्टॉक्स और बॉन्ड्स में बिकवाली दिख रही है।" डॉलर में कमजोरी से दूसरी करेंसी में गोल्ड खरीदना सस्ता हो जाता है। इससे जब कभी गोल्ड की वैल्यू गिरती है सोने की डिमांड बढ़ जाती है।
सोने की कीमतों में तेजी जारी रहने के आसार
कमोडिटी एनालिस्ट्स का कहना है कि ट्रंप के चीन पर 145 फीसदी टैरिफ लगाने के ऐलान से दुनियाभर के स्टॉक्स मार्केट्स में गिरावट आई है। उधर, चीन भी झुकने के लिए तैयार नहीं है। वह हर बार जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी गुड्स पर टैरिफ बढ़ा रहा है। इससे अमेरिकी गुड्स पर चीन का टैरिफ 84 फीसदी को पार कर जाने के आसार दिख रहे हैं। अगर दुनिया की दोनों आर्थिक महाशक्तियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई जारी रहती है तो सोने में तेजी जारी रहेगी। ऐसे में सोने की कीमतें लगातार ऊंचाई के नए रिकॉर्ड बनाती दिखेंगी।
गोल्ड ईटीएफ में लगातार बढ़ रहा निवेश
फाइनेंशियल मार्केट एनालिस्ट kyle Rodda ने कहा, "सोने के लिए अगला टारगेट 3,500 डॉलर दिख रहा है। हालांकि, इस लेवल पर गोल्ड के तुरंत पहुंचने की उम्मीद है। इसके लिए बड़े झटके जरूरी हैं।" ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी के अलावा केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीदारी, अमेरिकी केंद्रीय बैंक के इंटरेस्ट रेट घटाने की उम्मीद और दुनिया के कुछ हिस्सों में जियोपॉलिटिकल अस्थिरता का असर भी गोल्ड पर पड़ रहा है। दुनिया में गोल्ड ईटीएफ में निवेश लगातार बढ़ रहा है।
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एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों को अपने इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में गोल्ड को शामिल करना चाहिए। पोर्टफोलियो में 10-15 फीसदी गोल्ड हो सकता है। अगर आपके पोर्टफोलियो में गोल्ड नहीं है तो हर गिरावट पर आप गोल्ड में खरीदारी कर सकते हैं। अगर आप फिजिकल गोल्ड यानी गोल्ड ज्वैलरी या कॉइन में इनवेस्ट नहीं करना चाहते हैं तो आप गोल्ड ईटीएफ या म्यूचुअल फंड की गोल्ड स्कीम में निवेश कर सकते हैं। आप 500-100 रुपये के SIP से भी हर महीने गोल्ड में निवेश कर सकते हैं। इससे आप अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफायड बना सकते हैं। गोल्ड ईटीएफ और म्यूचुअल फंड की गोल्ड स्कीम में निवेश करना बहुत आसान है।