Silver Gold Price Today : सोने-चांदी को यूएस फेड से डर लग गया है। एक दिन में सोना 2% गिरा है। वहीं, चांदी 6% फिसली है। इनके दाम एक हफ्ते के निचले स्तरों पर पहुंच गए हैं। MCX पर सोना 1.51 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के नीचे फिसल गया है। वहीं, MCX पर चांदी 2.31 लाख रुपए प्रति किलो के नीचे आ गई है। इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4400 डॉलर प्रति औंस के नीचे चला गया है। वहीं, चांदी 64 डॉलर के नीचे आ गई है।
अमेरिका में दरें बढ़ने की आशंका से बुलियन पर दबाव बना है। यूएस फेड 16 सितंबर को ब्याज दरों पर फैसला लेगा। ECB ने अपनी दर 0.25% बढ़ाकर 2.5% कर दिया है। यह जून के बाद ECB की दूसरी रेट बढ़ोतरी है। जून में भी 0.25% की बढ़ोतरी हुई थी। अमेरिका के रिटेल महंगाई के आंकड़े आज आने वाले हैं। रिटेल महंगाई बढ़कर 0.4% रहने की आशंका है। PPI के बाद US में रेट हाइक की उम्मीद बढ़ी है। CME फेड वॉच के मुताबिक 25 बेसिस प्वाइंट रेट हाइक की संभावना 72% हो गई है। वहीं, दरों में 50 बेसिस प्वाइंट रेट हाइक की संभावना 27.60% है।
MCX पर सोने के भाव में 1 हफ्ते में 4 फीसदी और 1 महीने में 3 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, 3 महीने में इसमें 1 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। जबकि 6 महीने में इसके भाव में 6 फीसदी की गिरावट हुई है। वहीं, इस साल अब तक सोने के भाव में 13 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।
MCX पर चांदी के भाव में 1 हफ्ते में 3 फीसदी और 1 महीने में 2 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, 3 महीने में इसमें 4 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। जबकि 6 महीने में इसके भाव में 12 फीसदी की गिरावट हुई है। वहीं, इस साल अब तक चांदी के भाव में 1 फीसदी की कमी देखने को मिली है।
सोने-चांदी पर दबाव डालने वाले मुख्य कारणों में से एक कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड $108 प्रति बैरल के ऊपर चला गया,जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) $103 प्रति बैरल के पार पहुंच गया। तेल की ऊंची कीमतें महंगाई का दबाव बढ़ा सकती हैं और इसके चलते US फेड दरें बढ़ा सकता है। बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों में बढ़ोतरी से सोने जैसी बिना रिटर्न देने वाली एसेट्स का आकर्षण कम हो जाता है।
आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में कमोडिटीज़ और करेंसीज़ की रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर ने कहा कि तेल की कीमतों में रिकवरी से सोने पर फिर से दबाव बनता दिख रहा है। उन्हें उम्मीद है कि इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें $4,340 से $4,450 प्रति औंस के बीच रहेंगी,जबकि MCX पर सोना ₹1.51 लाख से ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम के दायरे में ट्रेड कर सकता है।
रिद्धि-सिद्धि बुलियन लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर,इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के प्रेसिडेंट और जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइज़ेशन के चेयरमैन पृथ्वीराज कोठारी ने कहा कि डॉलर का कमज़ोर होना,अमेरिका में फिस्कल दिक्कते और बढ़ते जियोपॉलिटिकल रिस्क से सोने को सपोर्ट मिल रहा है। लेकिन उम्मीद से ज़्यादा अमेरिकी महंगाई दर के आंकड़े बॉन्ड यील्ड बढ़ने के कारण बुलियन पर और दबाव डाल सकते हैं। कोठारी को उम्मीद है कि सोने की कीमत मोटे तौर पर $4,300-$4,500 प्रति औंस की रेंज में बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर चांदी $67 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है, तो इसमें और तेज़ी आ सकती है।
आगे कैसी रह सकती है सोने और चांदी की चाल?
सोने-चांदी के लिए अगला बड़ा ट्रिगर US में महंगाई और फेड की पॉलिसी पर इसका संभावित असर होगा। अगर महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज़्यादा रहते हैं तो US बॉन्ड यील्ड बढ़ सकती है और सोने-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी सीमित हो सकती है। दूसरी ओर अगर आंकड़े नरम रहते हैं तो आसान मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदें फिर से बढ़ सकती हैं और प्रेशियस मेटल्स को सहारा मिल सकता है। इसलिए भारतीय निवेशकों के लिए ग्लोबल बुलियन ट्रेंड,कच्चे तेल की कीमतों,US यील्ड और रुपये की चाल पर नजर रखना जरूरी होगा। फिलहाल अभी ये दोनों धातुएं रेंज बाउंड रहते हुए ऊपर-नीचे हो सकती है। सोने के मुकाबले चांदी की कीमतों में ज़्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
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