जियोपॉलिटिकल टेंशन में इजाफा, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और पिछले एक-डेढ़ साल में सोने और चांदी की कीमतों में उछाल से लोगों की दिलचस्पी दोनों कीमती मेटल्स में बढ़ी है। पहले इनवेस्टर्स इसलिए सोना और चांदी में निवेश करते थे, क्योंकि इन्हें सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता था। लेकिन, अब शानदार रिटर्न के लिए लोग इनमें निवेश कर रहे हैं। लेकिन, एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों को पोर्टफोलियो के डायवर्सिफिकेशन के लिए सोने और चांदी में इनवेस्ट करना चाहिए।
गोल्ड में निवेश की बड़ी वजह शानदार रिटर्न
Moneycontrol FiDEX 2026 में एक्सपर्ट्स ने सोने और चांदी में निवेश के बारे में कई अहम बाते बताईं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से सोने-चांदी में निवेश में दिलचस्पी बढ़ने की कई वजहें हैं। एक्सिस एएमसी में हेड (इंस्टीट्यूशनल सेल्स एंड पैसिव) वंदना त्रिवेदी ने कहा कि गोल्ड में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने की बड़ी वजह गोल्ड का शानदार प्रदर्शन है। दूसरा, निवेशकों में निवेश का मौका चूक जाने का डर है।
इन वजहों से गोल्ड में आई तेजी
उन्होने कहा कि दुनिया में कई देशों के केंद्रीय बैंक गोल्ड खरीद रहे हैं, जिससे इसकी कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ने से भी इसकी कीमतों में तेजी देखने को मिली है। निवेशकों को गोल्ड ईटीएफ में निवेश करना काफी आसान लग रहा है। पहले गोल्ड में निवेश करने के लिए गोल्ड ज्वेलरी खरीदना पड़ता था। अब इनवेस्टर घर बैठे गोल्ड ईटीएफ जैसे प्रोडक्ट्स में निवेश कर रहे हैं।
जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ने से भी गोल्ड की चमक बढ़ी
डीएसपी म्यूचुअल फंड में पैसिव इनवेस्टमेंट्स और प्रोडक्ट्स के हेड अनिल घेलानी ने कहा कि रूस और यूक्रेन की लड़ाई शुरू होने के बाद से जियोपॉलिटिकल टेंशन लगातार बढ़ा है, जिससे गोल्ड की कीमतों को सपोर्ट मिला है। गोल्ड को निवेश का सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। उन्होंने कहा, "जब कभी अनिश्चितता की स्थिति बनती है तब लोग निवेश के सुरक्षित विकल्प में पैसे लगाना शुरू कर देते हैं।" उन्होंने कहा कि अभी लड़ाई लगातार बढ़ रही है और टैरिफ को लेकर अनिश्चितता है। ऐसे में गोल्ड की डिमांड बढ़ती है।
कमोडिटीजी की वैल्यूएशन में कई चीजों का हाथ
यूटीआई म्यूचुअल फंड के हेड (पैसिव) अमित वशिष्ठ ने कहा कि गोल्ड और सिल्वर जैसी कमोडिटीज की वैल्यू शेयरों की वैल्यू से अलग है। उन्होंने कहा, "शेयरों में हम प्राइस-टू-अर्निंग्स रेशियो जैसे पैमानों से वैल्यूशन के बारे में बातचीत कर सकते हैं। लेकिन, कमोडिटी की कीमतों पर कई चीजों का असर पड़ता है। इनमें जियोपॉलिटिकल स्थिति, करेंसी मूवमेंट्स और डिमांड-सप्लाई डायनेमिक्स शामिल हैं।" सिल्वर की डिमांड में तो उसकी इंडस्ट्रियल डिमांड का बड़ा हाथ है।
गोल्ड ईटीएफ में बढ़ी है निवेशकों की दिलचस्पी
मॉर्निंगस्टार इंडिया में फंड रिसर्च के डायरेक्टर कौस्तुभ बेलापुरकर ने कहा कि गोल्ड ईटीएफ में निवेश बढ़ने की वजह यह है कि इनवेस्टर्स पिछले रिटर्न को देखकर इसमें निवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "जब इनवेस्टर्स स्ट्रॉन्ग परफॉर्मेंस देखते हैं तो वे भविष्य में भी उस प्रदर्शन की उम्मीद करते हैं।" इस साल गोल्ड ईटीएफ में निवेश बढ़ने के पीछे यह एक बड़़ी वजहै है।