Gold-Silver ETF Shines: वैश्विक स्तर पर सोने-चांदी के भाव नरम पड़े और वीकली लेवल पर निगेटिव होने की तरफ बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद आज इनके ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रे़डेड फंड)चमक पड़े। सिल्वर ईटीएफ की चमक 3% से अधिक तो गोल्ड ईटीएफ की चमक करीब डेढ़ फीसदी बढ़ गई। यह तेजी ऐसे समय में आई, जब घरेलू इक्विटी मार्केट में शानदार रौनक छा गई। अमेरिका और ईरान के बीच सुलह की उम्मीदों पर सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 1000 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी भी 1% से अधिक उछलतक 23450 के पार पहुंच गया। मार्केट की घबराहट को मापने वाला India VIX तो 4% से अधिक फिसल गया।
क्या है Gold ETF और Silver ETF की स्थिति?
पहले सिल्वर ईटीएफ की बात करें तो फिलहाल निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ (SilverBeES) 3.05% उछलकर ₹228.14, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ईटीएफ 3.05% चढ़कर ₹238.08, एसबीआई सिल्वर ईटीएफ 3.02% बढ़कर ₹233.62 और टाटा सिल्वर ईटीएफ 3.11% उछलकर ₹23.18 पर पहुंच गया। अब गोल्ड से जुड़े फंड्स की बात करें तो निप्पॉन इंडिया ईटीएफ बीईएसएस 1.56% उछलकर ₹121.14, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल गोल्ड ईटीएफ 1.50% चढ़कर ₹125.54, एसबीआई गोल्ड ईटीएफ 1.51% उछलकर ₹124.86 और टाटा गोल्ड ईटीएफ 1.43% चढ़कर ₹14.22 पर पहुंच गया।
इस कारण बढ़ी ईटीएफ की चमक
सोने-चांदी के वैश्विक भाव में गिरावट के बावजूद इनके ईटीएफ की चमक बढ़ी है। स्पॉट गोल्ड प्रति औंस (28.35 ग्राम) 0.5% फिसलकर $4,193.58 पर आ गया और वीकली लेवल पर इस हफ्ते यह करीब 3.1% नीचे आया है। एक दिन पहले यह छह महीने से अधिक समय के निचले स्तर पर आ गया था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर तय सैन्य हमले को टाल दिया और शांति समझौते की संभावना का संकेत दिया तो इसमें कुछ सुधार दिखा।
इसके अलावा सरकार ने सोने और चांदी के टैरिफ वैल्यू यानी बेस इंपोर्ट प्राइस को घटा दिया जोकि आज 12 जून से प्रभावी है जिससे सोने-चांदी को सपोर्ट मिला। सोने का बेस इम्पोर्ट प्राइस प्रति 10 ग्राम $80 घटाकर $1,343 तो प्रति किग्रा चांदी का बेस इम्पोर्ट प्राइस $276 घटाकर $2,092 कर दिया गया है। टैरिफ वैल्यू एक रेफरेंस प्राइस है जिसका इस्तेमाल इम्पोर्ट किए जाने वाले सोने-चांदी पर कस्टम ड्यूटी के कैलकुलेशन के लिए किया जाता है, यह वास्तविक मार्केट प्राइस को नहीं दिखाता है। कम टैरिफ वैल्यू से उस वैल्यू में कमी आती है जिस पर कस्टम ड्यूटी को कैलकुलेट किया जाता है, जिससे सोने-चांदी के आयात की लागत कम हो सकती है।