गोल्ड में 7 जुलाई को हल्की तेजी दिखी। कमोडिटी एक्सचेंज MCX में 10:55 बजे गोल्ड फ्यूचर्स 49 रुपये यानी 0.08 फीसदी की हल्की तेजी के साथ 58,440 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। 6 जुलाई को गोल्ड फ्यूचर्स 58,401 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। हालांकि, इस हफ्ते सोने में गिरावट रही। यह लगातार चौथा हफ्ता है, जब गोल्ड में कमजोरी रही है। इसकी वजह इंटरेस्ट रेट को लेकर इनवेस्टर्स का अनुमान है। उन्हें लगता है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व लंबे समय तक इंटरेस्ट रेट को हाई बनाए रखेगा। इसका असर गोल्ड पर पड़ रहा है। विदेशी बाजार में स्पॉट गोल्ड बगैर किसी बदलाव के 1,911.85 डॉलर प्रति औंस था। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.1 फीसदी की तेजी के साथ 1,917.70 डॉलर प्रति औंस था।
गोल्ड में 6 जुलाई को 0.16 फीसदी की कमजोरी आई थी। इसकी वजह अमेरिकी इकोनॉमी से जुड़े बेहतर आंकड़े हैं। अमेरिका में लेबर मार्केट में मजबूती के संकेत मिले हैं। इससे डॉलर में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उछाल देखने को मिला। इधर, गोल्ड में मांग घटी है। इस पर इंटरेस्ट रेट बढ़ने के अनुमान का भी असर दिख रहा है। ब्रोकरेज फर्म IIFL के कमोडिटी एनालिस्ट अनुज गुप्ता ने 7 जुलाई को सोना बेचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि गोल्ड में पहले 58,000 पर सपोर्ट है। उसके बाद इसके लिए 57,700 पर सपोर्ट है। इसके लिए पहले 58,700 पर रेसिस्टेंस है। नेक्स्ट रेसिस्टेंस 59,000 पर है। इसमें 58,600-58,700 पर बिकवाली की जा सकती है। स्टॉपलॉस 59,000 रुपये पर लगाना होगा। टारगेट 58,000 से 57,000 रुपये प्रति 10 ग्राम होगा।
6 जुलाई को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने में तेजी रही। यह 70 रुपये चढ़कर 59,350 रुपये पर बंद हुआ। 5 जुलाई को यह 59,280 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। 6 जुलाई को चांदी में भी तेजी रही। यह 600 रुपये उछलकर 72,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि रुपये में कमजोरी से सोने को सपोर्ट मिला। यह डॉलर के मुकाबले करीब 0.60 फीसदी कमजोर हुआ।
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