दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने में तूफानी तेजी जारी है। 25 अगस्त को सोने में लगातार चौथे सत्र तेजी रही। यह 2,700 रुपये चढ़कर 1,67,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। हालांकि, चांदी में तेजी पर तीन दिन बाद ब्रेक लग गया। दिल्ली में चांदी की कीमतों में गिरावट आई। इसकी वजह प्रॉफिट-बुकिंग बताई जा रही है।
चांदी में तीन सत्रों से जारी तेजी पर लगा ब्रेक
चांदी की कीमतें मंगलवार को 3,500 रुपये गिरकर 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुईं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों में गिरावट आई। स्पॉट गोल्ड 0.31 फीसदी गिरकर 4,636 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सिल्वर 1.48 फीसदी गिरकर 67.89 डॉलर प्रति औंस पर था।
डॉलर में मजबूती से विदेश में गिरा सोना
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें तीन महीने की ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद प्रॉफिट बुकिंग और डॉलर में मजबूती से उसमें गिरावट आई। अमेरिकी सरकार के बॉन्ड बायबैक प्रोग्राम के ऐलान के बाद डॉलर में कमजोरी दिखी थी। यह तीन महीने के निचले स्तर पर आ गया था। लेकिन, मंगलवार को इसमें तेजी लौट आई। डॉलर में मजबूती पर दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है।
सितंबर में अमेरिका में इंटरेस्ट बढ़ने की उम्मीद कम
अमेरिका में फेडरल रिजर्व के अगले महीने इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की संभावना घटी है। टेडर्स को अगले महीने अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की सिर्फ 40 फीसदी संभावना लग रही है। 60 फीसदी संभावना यह है कि फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं करेगा। इंटरेस्ट रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं होने से सोने को सपोर्ट मिलेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने के माहौल में सोने की चमक घटती है, जबकि इंटरेस्ट रेट घटने के माहौल में बढ़ती है।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने से सोने को मिल रहा सपोर्ट
इस साल जनवरी के आखिर में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद उनमें तेज गिरावट आई। 28 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद बुलियन पर दबाव बढ़ गया। अब फिर से सोने और चांदी में तेजी दिख रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने में तेजी में अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव का हाथ है।