Gold vs Silver Price: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर मंगलवार, 8 सितंबर को सोने और चांदी के वायदा भाव में मिला-जुला कारोबार रहा। कमजोर अमेरिकी डॉलर और अमेरिका की मौद्रिक नीति को लेकर उम्मीदों से कीमती धातुओं को सपोर्ट मिला।
Gold vs Silver Price: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर मंगलवार, 8 सितंबर को सोने और चांदी के वायदा भाव में मिला-जुला कारोबार रहा। कमजोर अमेरिकी डॉलर और अमेरिका की मौद्रिक नीति को लेकर उम्मीदों से कीमती धातुओं को सपोर्ट मिला।
MCX पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम पर था। इसमें 0.14% की तेजी थी। वहीं, दिसंबर सिल्वर फ्यूचर्स ₹2.38 लाख प्रति किलो पर रहा। इसमें 0.08% की गिरावट थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब $4,434 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी करीब $66.95 प्रति औंस पर थी। दोनों धातुओं पर फिलहाल एक जैसे आर्थिक संकेतों का असर हो रहा है। लेकिन कीमत और वैल्यूएशन के मामले में दोनों की तस्वीर अलग है।
सोना अभी भी महंगा क्यों है?
Monarch PMS के एक एनालिसिस के मुताबिक, सोने की मॉडल्ड फेयर वैल्यू $3,248 से $4,595 प्रति औंस के बीच है। इसका मिडपॉइंट $3,922 प्रति औंस है। अगस्त की शुरुआत में सोना करीब $4,242 प्रति औंस पर था। यानी यह अनुमानित मिडपॉइंट से करीब 8% ऊपर था।
एनालिसिस के मुताबिक, जनवरी में सोना $5,589 प्रति औंस के पीक पर पहुंचा था। यह मॉडल्ड रेंज से काफी ऊपर था। इसके बाद जून में कीमत करीब $3,985 तक आ गई। यह अनुमानित फेयर वैल्यू के करीब था।
इसके बाद सोने में फिर तेजी आई। यानी पहले की तेज सट्टेबाजी कुछ कम हुई है। लेकिन सोना अभी भी मॉडल्ड मिडपॉइंट से ऊपर कारोबार कर रहा है।
चांदी के मामले में तस्वीर अलग
चांदी की वैल्यूएशन सोने से अलग दिख रही है। Monarch PMS गोल्ड-सिल्वर रेशियो के जरिए चांदी की सोने के मुकाबले वैल्यू देखता है। 60:1 के सामान्य रेशियो के आधार पर चांदी की अनुमानित रेंज $54 से $77 प्रति औंस है। इसका मिडपॉइंट $65 है।
एनालिसिस के मुताबिक, चांदी करीब $61.7 प्रति औंस पर थी। यानी यह मिडपॉइंट से करीब 6% नीचे थी। इस हिसाब से चांदी सोने के मुकाबले सस्ती दिख रही है।
गोल्ड-सिल्वर रेशियो भी इसी ओर इशारा करता है। जनवरी में यह करीब 46 तक आ गया था। इसका मतलब था कि सोने के मुकाबले चांदी महंगी हो गई थी। अब यह करीब 69 पर पहुंच गया है। यह 21वीं सदी के औसत 69:1 के करीब है।
चांदी को अभी क्या सपोर्ट दे रहा है?
चांदी की मांग सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल इंडस्ट्रियल कामों में भी होता है। इसलिए चांदी की कीमत पर निवेश के साथ इंडस्ट्रियल डिमांड का भी असर पड़ता है।
Lemonn के हेड ऑफ रिसर्च Gaurav Garg के मुताबिक, चांदी का आउटलुक अभी मजबूत बना हुआ है। इसकी वजह निवेश के साथ इंडस्ट्रियल डिमांड भी है। उन्होंने रुपये की कमजोरी को भी घरेलू MCX सिल्वर के लिए सपोर्टिंग फैक्टर बताया।
MCX सिल्वर के लिए Garg ने ₹2.36 लाख प्रति किलो को सपोर्ट बताया है। वहीं, ₹2.42 लाख प्रति किलो को रेजिस्टेंस माना है। उनके मुताबिक, अगर चांदी इस रेजिस्टेंस के ऊपर टिकती है तो खरीदारी और बढ़ सकती है।
अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर नजर
अब बाजार की नजर अमेरिका के आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। इसमें खास तौर पर PPI और CPI अहम रहेंगे। इन आंकड़ों से अमेरिका के फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें प्रभावित हो सकती हैं।
Bonanza के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट नृपेंद्र यादव के मुताबिक, सोना फिलहाल एक रेंज में बना हुआ है। $4,300 से $4,500 प्रति औंस की रेंज अहम है। चांदी के लिए उन्होंने $65 और $67 प्रति औंस के स्तर को महत्वपूर्ण बताया है।
रुपये की चाल भी अहम
भारतीय निवेशकों के लिए सिर्फ अंतरराष्ट्रीय सोने-चांदी की कीमत देखना काफी नहीं है। रुपये की चाल भी घरेलू कीमतों पर असर डालती है।
अगर अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ती हैं और रुपया कमजोर होता है, तो भारत में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी ज्यादा दिख सकती है। वहीं, अगर अंतरराष्ट्रीय कीमतें गिरती हैं तो कमजोर रुपया घरेलू कीमतों में गिरावट को कुछ हद तक रोक सकता है।
Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।